फर्स्ट-एड की उम्मीद में 108 एंबुलेंस

Unnao Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
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केस-1
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फैजाबाद के पटेलनगर निवासी रामदेव रविवार रात लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर ट्रक की ठोकर लगने से घायल हो गया था। हादसे की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस ने रामदेव को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि सड़क हादसे में घायल रामदेव को ब्लीडिंग हो रही थी, लेकिन एंबुलेंस में उसे कोई प्राथमिक उपचार नहीं मिला। बस जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। एंबुलेंस चालक ने बताया कि एंबुलेंस में तीन माह से दवाओं का स्टाक निल है। इससे घायलों को कोई उपचार नहीं मिल पा रहा है।
केस-2
शहर के आवास विकास कालोनी निवासी शुभम पुत्र राजेश सोमवार को एक सड़क हादसे में घायल हो गया था। इस पर उसके परिजनों ने 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुलाई और शुभम को अस्पताल ले जाने लगे। इस बीच पैर में अधिक दर्द होने पर शुभम ने पेन किलर की मांग की। लेकिन एंबुलेंस में मौजूद मेडिकल टीम ने शुभम को किसी भी तरह की दवा नहीं दी। एंबुलेंस चालक कुलदीप ने बताया कि एंबुलेंस में पिछले तीन माह से कोई भी दवा नहीं उपलब्ध कराई गई है। इससे शुभम को पेन किलर नहीं उपलब्ध कराई गई थी।

उन्नाव। गंभीर मरीजों को सरकारी अस्पताल पहुंचाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा बदहाल हो चली है। एंबुलेंस में न ही लाइफ सेविंग इंजेक्शन बचे हैं और न ही अन्य प्रमुख दवाएं। इससे एंबुलेंस में मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही हैै। एंबुलेंस में तैनात मेडिकल टीम मरीजों को सीधे अस्पताल पहुंचा रही है।
एक वर्ष पूर्व प्रदेश में शुरू हुई डायल 108 एंबुलेंस सेवा के तहत जिले को 19 एंबुलेंस मुहैया कराई गई थी। डायल 108 एंबुलेंस को लाइफ सेविंग ड्रग्स व मेडिकल टीम के साथ लैस कर स्वास्थ्य विभाग के हवाले किया गया था। एंबुलेंस सेवा की शुरुआत के साथ जिले में मरीजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया। लेकिन एक वर्ष का समय गुजरते ही अब यह सेवा बदहाल होने लगी है। जिले में एक साल से अधिक का समय पूरा करने वाली 108 एंबुलेंस में अब न ही लाइफ सेविंग इंजेक्शन बचे हैं और न ही बर्न स्प्रे और बीटाडिन जैसी दवाएं। इससे 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों को 108 एंबुलेंस से सीधे अस्पताल लाया जा रहा है।

यह दवाएं होनी चाहिए
-बर्न स्पे
-पेन किलर
-बीटाडीन लोशन
-कॉटन
-लाइफ सेविंग इंजेक्शन
-मॉस्क
-वीगो
-ग्लूकोज
-मेट्रोजिल सहित 17 अन्य दवाएं।
तीन एंबुलेंस हो गई डैमेज
जिले में डायल 108 एंबुलेंस सेवा के तहत 19 एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई थी। जिनमें पुरवा, हसनंगज व सुमेरपुर की एंबुलेंस पिछले पांच माह से खराब चल रही हैं। एंबुलेंस में आई खराबी को कंपनी की ओर से अब तक ठीक नहीं कराया गया है।
गर्मी में एसी भी फेल
108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भीषण गर्मी का भी सामना करना पड़ता है। जिले में संचालित 16 एंबुलेंस में सभी एंबुलेंस के एसी फेल हो चुके हैं। इससे मरीजों व एंबुलेंस के स्टाफ को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है।
108 एंबुलेंस में दवाओं की कमी की जानकारी मुझे नहीं है। 108 एंबुलेंस को सीधे शासन से दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। एंबुलेंस के लिए अगर लिखित डिमांड उन तक पहुंचेगी तो वह दवाएं उपलब्ध करा देंगे।
डॉ. ताराचंद्र, सीएमओ
दवाएं कम होने की जानकारी मिली है। कोशिश की जा रही है कि सभी एंबुलेंस में दवाएं पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहें। दवाओं के लिए सीएमओ को भी पत्र लिखा गया है। सीएचसी से एंबुलेंस में दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राजीव शर्मा, डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर
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