राशनकार्ड धारकों ने किया हंगामा

Unnao Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
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केस-1
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शहर के मोहल्ला गांधी नगर निवासी राजेश सोमवार कोटेदार के यहां चीनी व राशन लेने पहुंचे थे। इस बीच कोटेदार ने चीनी देने से मना कर दिया। राजेश ने जब वजह पूछी तो कोटेदार ने कोई वजह नहीं बताई। इस पर राजेश की कोटेदार से जमकर झड़प हुई।
केस-2
भदनी गांव निवासी रामवती बरभौला में कोटेदार के यहां राशन लेने पहुंची थी। यहां कोटेदार ने गेहूं तो दे दिया लेकिन चीनी नहीं दी। रामवती के पूछने पर कोटेदार ने बताया कि उसे चीनी नहीं मिली। जब मिलेगी तभी बांटेगा। इससे कई राशनकार्ड धारकों की कोटेदार से कहासुनी हुई।
केस-3
असोहा ब्लाक के सरवन गांव में भी सोमवार को कोटेदार ने चीनी का वितरण नहीं किया। कोटेदार के पास चीनी लेने पहुंचे कार्डधारकों के साथ कोटेदार ने जमकर अभद्रता भी की। कोटेदार ने बताया कि ब्लाक गोदाम से चीनी मिलने के बाद ही वह चीनी का वितरण करेंगे।

उन्नाव। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने की कितनी भी कवायदें की जाएं, लेकिन सभी बेमानी साबित हो रही हैं। राशन वितरण का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों की लापरवाही से सोमवार को जिले के अधिकांश राशनकार्ड धारक चीनी पाने से वंचित रह गए। सोमवार को जिले के कई कोटेदारों ने चीनी का वितरण नहीं किया। इससे कई जगहों पर कार्डधारकों की कोटेदारों से जमकर झड़प भी हुई। कार्डधारकों ने जब कोटेदारों से चीनी न मिलने के बाबत सवाल किए तो उन्हें बताया गया कि उन्हें इस माह ऊपर से ही चीनी नहीं उपलब्ध कराई गई है। इससे वह चीनी का वितरण नहीं कर रहे हैं।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सोमवार को पहला वितरण दिवस था। पहले दिन राशन वितरण के दौरान कोटेदारों की ओर से कार्डधारकों को चीनी नहीं वितरित की गई। इससे राशनकार्ड धारकों ने चीनी न मिलने का विरोध करना शुरू कर दिया। जिले में कई जगह चीनी का वितरण न होने से राशनकार्ड धारकों की कोटेदारों से झड़प भी हुई। कोटेदारों ने बताया कि इस माह पीसीएफ से ब्लाक गोदामों में चीनी नहीं पहुंची है। इससे वह चीनी का वितरण नहीं कर रहे हैं। वहीं अधिकारी चुनाव फेर में गाड़ियों के फंसने से चीनी न पहुंचने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि वाहनों की कमी थी तो गेहूं और चावल कैसे पहुंच गया। जिला पूूर्ति अधिकारी बीएस नेगी ने बताया कि ब्लाक गोदामों में सिर्फ 25 फीसदी ही चीनी पहुंच पाई है। इस वजह से जिले के कुछ ही कोटेदारों के यहां चीनी का वितरण हो पाया है। उन्होंने बताया कि किस वजह से ब्लाक गोदामों में चीनी नहीं पहुंची है इसकी जांच कराई जाएगी। पीसीएफ प्रबंधक एमएल जायसवाल ने बताया कि चुनावी फेर में गाड़ियों की कमी पड़ गई थी। इससे चीनी ब्लाक गोदामों में नहीं पहुंच पाई। चुनाव से गाड़ियां छूटते ही चीनी ब्लाक गोदामों में पहुंचाई जाएगी।
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