औषधीय खेती कर कर्जदार बन गए

Unnao Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
ख़बर सुनें
नवाबगंज(उन्नाव)। निजी संस्था ने किसानों को औषधीय खेती के नाम पर गुमराह कर लाखों रुपए का कर्जदार बना दिया है। संस्था के लोगों ने किसानों से उपज खरीदने का वादा किया था लेकिन अब मुकर रहे हैं। उधर, बैंक कर्ज वापसी का दबाव बना रहा है और किसान मारे मारे घूम रहे हैं।
ओम विकास संस्थान ने नवाबगंज ब्लाक के किसानों को औषधीय खेती करने के लिए प्रेरित किया। इस पर आशाखेड़ा की सुशीला द्विवेदी, जगमोहन, सतीश चंद्र श्रीवास्तव, गौरा कठेरवा के राजाराम, दिनेश, महावीर, गंगा, सधीरा के राघवेंद्र सिंह, गाजीगंजजैतीपुर के विशम्भर, सोहन खेड़ा के उमाशंकर, नथई खेड़ा की सुंदारा, सरायजोगा के हरपाल सिंह, अमन सिंह, एतवारपुर के वीरेंद्र अवस्थी, शिवदर्शन खेड़ा के रामप्रताप, कुशुंभी के सिद्धिनाथ, मानपुर के उमाशंकर, गदनखेड़ा नवई के भीका, गांजीगंज जैतीपुर के बालकृष्ण, नोखेलाल खेड़ा सहरांवा के रमेश चंद्र, मिर्रीकला के रामसजीवन, मुंशी, महनौरा के जगन्नाथ, भैसौरा के सजन कुमार, मिर्जापुर के औसान, बद्री, वासुदेव, लाल सिंह ने एलोवेरा, सतावर और हल्दी की खेती की थी। किसानों का कहना है कि संस्थान ने ही लोन दिलवाया था और कृषि उपज खरीदने की बात कही थी। बैंक ने सभी किसानों को मिलाकर करीब 60 लाख 36 हजार रुपए कर्ज दिया। फसल तैयार होने पर अब संस्थान उपज की खरीद करने की मुकर गया है। इससे किसान कर्ज में डूब गए हैं। किसान सतीश श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक ने कैंप लगाकर औषधीय खेती के नाम पर कर्ज दिया था जबकि संस्थान ने बीज, खाद, दवा व कृषि सलाह उपलब्ध कराने और फसल खरीदने का वादा किया था। उन्होंने एलोवेरा की खेती की, जिसमें 1 लाख 40 हजार रुपए लागत आई। अब संस्थान तैयार फसल लागत के चौथाई दाम पर भी खरीदने को तैयार नहीं है। किसानों का कहना है कि संस्थान ने उन्हें धोखा दिया है। उपज न बिकने से किसान बैंक का कर्ज अदा नहीं कर पा रहे हैं।
संस्थान के सचिव डीके सक्सेना का कहना था कि किसानों ने फसल बोने में लापरवाही बरती है। जिससे उपज अच्छी नहीं हुई। इसे खरीदा नहीं जा सकता। बैंक मैनेजर का कहना है कि किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाए गए हैं। बैंक ने सभी काम नियमानुसार किया है।
वर्जन
ओम विकास संस्थान का हमारे यहां से कोई लेना देना नहीं है। कुछ समय पहले मामला जानकारी में आया था। चूंकि हमारे यहां से कोई लेना देना नहीं था इसलिए खास जानकारी नहीं है। किसी भी संस्था के चक्कर में आने से पहले किसानों को उद्यान या कृषि विभाग से संपर्क करना चाहिए। औद्यानिकी के लिए किसान उद्यान विभाग में सीधे संपर्क करें। किसी भी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती है।
आरबी वर्मा, अपर उद्यान अधिकारी
ऐसा कोई मामला हमारी जानकारी में नहीं है, फिर भी अपने स्तर से दिखवाएंगे। किसानों के साथ जो कुछ हुआ है वह हमें बताएं। विभाग उनकी हर तरह से मदद करेगा।
- केसी द्विवेदी, जिला कृषि अधिकारी

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Pithoragarh

पहले दल के यात्रियों की मानसरोवर परिक्रमा शुरू

कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल के यात्रियों ने कैलाश परिक्रमा पूरी कर मानसरोवर की परिक्रमा शुरू कर दी है।

25 जून 2018

Related Videos

सीएम योगी के उन्नाव दौरे से पहले कांग्रेस नेता को क्यों किया गया नजरबंद

गुरुवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ उन्नाव पहुंचे लेकिन उनके पहुंचने से पहले उन्नाव पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें नजरबंद कर दिया। इस रिपोर्ट मे देखिए क्या है इस कार्रवाई की वजह।

7 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen