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प्रदूषण फैला रही तीन फैक्ट्रियां सील

Unnao Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
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उन्नाव। जल एवं वायु प्रदूषण फैला रही जिले की तीन फैक्ट्रियों में ताला पड़ गया है। लगातार हिदायतों व कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इनको बंद करने का प्रस्ताव लखनऊ मुख्यालय भेजा। प्रस्ताव पर केंद्र व राज्य सरकारों ने भी अपनी मुहर लगा दी। इसके बाद स्थानीय अफसरों ने तीनों फैक्ट्रियों को सील कर दिया।
जनवरी में इलाहाबाद में होने वाले महाकुंभ के मद्देनजर राज्य सरकार ने प्रदूषण फैला रही फैक्ट्रियों पर खास नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसको संज्ञान में लेते हुए स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने फैक्ट्रियों की खाक छाननी शुरू कर दी। जांच में अधिकारियों को जिले की तीन फैक्ट्रियां ऐसी मिली जहां जल शोधन प्लांट सुचारु रूप से काम करता नहीं मिला। इसके अलावा फैक्ट्रियों में प्रदूषण रोकथाम के भी उपाय नहीं किए गए थे। इससे प्रदूषित जल सीधे गंगा में जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके बाद भी जब प्रदूषण पर रोक नहीं लगी तो स्थानीय प्रदूषण विभाग ने फैक्ट्रियों को बंद करने का प्रस्ताव बनाकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय को भेजा।
विभागीय सूत्रों की मानें तो राज्य प्रदूषण बोर्ड ने मगरवारा स्थित मस्तंग लेदर इंडस्ट्रीज को बंद करने की अनुमति दे दी। इसके बाद विभागीय अफसरों ने जाकर इंडस्ट्री को बंद करा दिया। इससे पहले विद्युत विभाग ने फैक्ट्री की बिजली काट दी। बताया जाता है कि कुछ समय पूर्व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जिले की कई फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया था जिसमें दही चौकी स्थित सुप्रीम केमिकल व प्राईमा केमिकल में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट दुरुस्त नहीं मिला था। इस पर दोनों फैक्ट्रियों की भी बंदी के आदेश हुए थे। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने तीनों फैक्ट्रियोें को सील करवा दिया।

ग्लू इकाइयों पर भी कसा शिकंजा
उन्नाव। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने ग्लू इकाइयों पर भी शिकंजा कस दिया है। लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। विभागीय अधिकारी के मुताबिक, लगभग 15 ग्लू इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पूछा गया है कि आखिर प्रदूषण रोकने के मानकों का क्यों पालन नहीं किया जा रहा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन्हें बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।

वर्जन
निरीक्षण के दौरान तीनों फैक्ट्रियों में प्रदूषण रोकने के मानकों का पालन नहीं हो रहा था। इस पर दही चौकी स्थित दो फैक्ट्रियों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व मगरवारा की एक फैक्ट्री को राज्य प्रदूषण नियंत्रण मुख्यालय ने बंद करा दिया है। निर्देशों के बाद तीनों फैक्ट्रियों को सील करा दिया गया है।
डा. रामकरन, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।

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