पौने नौ करोड़ साफ होंगी नहरें

Unnao Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। रबी की फसल में किसानों को पानी पहुंचाने के लिए नहर विभाग नहरों की सफाई में जुट गया है। विभाग पौने नौ करोड़ रुपया खर्च करके करीब तेरह सौ किलोमीटर नहरों की सिल्ट सफाई कराएगा। इसमें मुख्य शाखाओं और रजबहों की सफाई विभागीय मद से जबकि माइनरों की सफाई मनरेगा के तहत कराई जाएगी।
जिले में सिंचाई खंड, शारदा नहर, और शारदा नहर लखनऊ खंड की नहरों का 1286.215 किलोमीटर जाल फैला है। रबी की फसल से पहले इन नहरों की सिल्ट सफाई कराई जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक रबी फसल के लिए नहरों की सिल्ट सफाई 1 से 30 नवंबर तक के बीच की जाती है। इसके लिए विभाग ने सभी नहरों का पानी 23 अक्टूबर से रोक दिया है। इन नहराें को सूखने में एक सप्ताह से पंद्रह दिन तक लगते हैं इनके सूखने के बाद भी सिल्ट सफाई का काम शुरू हो जाता है।
सिंचाई खंड उन्नाव के हिस्से में 605.74 किलोमीटर नहरों की सफाई का जिम्मा है। इनमें 274.75 किलोमीटर और 357.99 किमी माइनर हैं। रजबहा की सफाई में 1 करोड़ 76 लाख 82 हजार और माइनरों की सफाई में 1 करोड़ 91 लाख 10 हजार रुपया खर्च किया जाएगा। 425.05 किलोमीटर नहरों की सफाई शारदा नहर उन्नाव खंड के जिम्मे है। विभागीय मद से 147.715 किलोमीटर नहरों की सफाई कराई जाएगी इसके लिए 2,34,30000 रुपया खर्च होगा। विभाग 364.68 किलोमीटर माइनरों की सफाई मनरेगा से कराएगा। इसके लिए मनरेगा में 1 करोड़ 80 लाख 75 हजार रुपया खर्च होगा। शारदा नहर लखनऊ खंड-2 के हिस्से मेें जिले की कुल 71.46 किलोमीटर नहरों की सफाई आई है। 46.10 किलोमीटर रजबहाें की सफाई में 49 लाख रुपया और 121.98 किलोमीटर माइनरों की सफाई के लिए 32 लाख 46 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
शारदा नहर उन्नाव खंड के एक्सईएन अतुल कुमार ने बताया कि नहरों की सिल्ट सफाई का कार्यक्रम का प्रस्ताव बना कर जिलाधिकारी शीतल वर्मा को भेजा गया था। इसमें तीनों खंड की 1286.215 किलोमीटर नहरों की सिल्ट सफाई के लिए 8 करोड़ 74 लाख 43 हजार रुपया की लागत का प्रस्ताव किया गया था जो स्वीकृत कर लिया गया है।


कैसे खर्च होगा धन
उन्नाव। एक्सईएन अतुल कुमार ने बताया कि शासन की ओर से इस बार नहर शाखा की सिल्ट सफाई के लिए दो लाख रुपया प्रति किलोमीटर और रजबहों की सफाई के लिए चालीस हजार रुपया प्रति किलोमीटर खर्च तय किया गया है। इसके अलावा माइनर की सफाई मनरेगा के तहत कराई जाएगी यह मजदूरों की संख्या और काम के दिनों के आधार पर अलग अलग तय होगी।


सींचपालों को नहर सफाई की जिम्मेदारी
उन्नाव। एक्सईएन ने बताया कि इस बार माइनरों की सिल्ट सफाई सींचपालों की देखरेख में कराई जाएगी। बताया कि विभाग सींचपाल क्षेत्रीय होते हैं और उनके अधीन तीन से चार नहरें आती हैं। क्षेत्रीय होने के नाते वह अपने क्षेत्र की माइनरों की सफाई बेहतर ढंग से कराएंगे। माइनर सफाई कराने के साथ ही वह मनरेगा मजदूरों का भी हिसाब रखेंगे। कहा कि यह व्यवस्था विभाग ने पहली बार शुरू की है इससे माइनरों की सफाई न कराए जाने की शिकायतें दूर हाेंगी।

Spotlight

Most Read

Shimla

कांग्रेस के ये तीन नेता अब नहीं लड़ेंगे चुनाव, चुनावी राजनीति से लिया संन्यास

पूर्व मंत्री एवं सांसद चंद्र कुमार, पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी और धर्मवीर धामी ने चुनाव लड़ने की सियासत को बाय-बाय कर दिया है।

17 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में कोहरे का कहर जारी, ट्रक और कार की टक्कर में तीन की मौत

कन्नौज के तालग्राम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कोहरे के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से पीछे से आ रही कार के चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक  नजर नहीं आया और उनमें कार जा टकराई। हादसे में तीन की मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper