मनरेगा का सच ः कोई तरसा तो किसी को बेहिसाब काम

Unnao Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली मनरेगा ग्राम प्रधानों की मनमानी का शिकार हो गई है। ग्राम प्रधान अपने चहेतों को काम देने और विरोधियों को न देने में मनरेगा गाइड लाइन का जमकर मखौल उड़ा रहे हैं। वित्तीय वर्ष में करीब ढाई दर्जन परिवारों को सौ दिन से भी ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराया गया। 40 हजार से अधिक परिवार ऐसे भी है जिन्हें आधा साल बीतने के बाद भी पंद्रह दिन भी काम नहीं मिला। अधिकारी जांच कराने की बात कह अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
रोजगार के लिए ग्रामीणों का शहरी इलाकों को पलायन रोकने और गांवों का विकास करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा चलाई जा रही है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले एक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम सौ दिन का रोजगार दिया जाता है। गाइड लाइन के मुताबिक एक वित्तीय वर्ष में किसी भी परिवार को सौ दिन से अधिक काम नहीं दिया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले के 27 परिवारों को सौ दिन से अधिक का काम दिया जा चुका है। यह तब हुआ जब जिले में 40,495 परिवारों को अभी 15 दिन भी काम नहीं मिल सका है। इनमें से कई सैकड़ा परिवार तो एक या दो दिन का ही रोजगार पा सके। जिन विकास खंडों में परिवारों को सौ दिन से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया गया है उनमें भी दो हजार से अधिक परिवार अभी भी पंद्रह दिन काम नहीं पा सके हैं।
परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण जावेद अख्तर जैदी ने बताया कि जिन गांवों में सौ दिन से अधिक रोजगार दिया गया है उनके ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी की जाएगी। उचित स्पष्टीकरण न मिलने पर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।



ब्लाकों में रोजगार की स्थिति
उन्नाव। मनरेगा गाइड लाइन की अनदेखी करते हुए इन विकास खंडों में सौ से अधिक दिन रोजगार दिया गया। विकास भवन मनरेगा सेल से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 27 परिवारों को सीमा से 74 दिन अधिक रोजगार दिया गया है। इनमें औरास ब्लाक में एक परिवार को सीमा से सात दिन, बांगरमऊ ब्लाक में एक परिवार को एक दिन, बीघापुर ब्लाक मेें चार परिवारों को 11 दिन, फतेहपुर चौरासी में तीन परिवारों को पंाच दिन, हसनगंज में तीन परिवारों को बारह दिन, नवाब गंज ब्लाक में चार परिवारों को ग्यारह दिन, सफीपुर ब्लाक में पांच परिवारों को बारह दिन, सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक मेें दो परिवारों को पांच दिन और सुमेरपुर ब्लाक में चार परिवारों दस दिन अधिक रोजगार उपलब्ध कराया गया।

पंद्रह दिन से कम रोजगार पाने वाले परिवार
ब्लाक परिवार ब्लाक परिवार
असोहा 3244 औरास 1994
बांगरमऊ 1894 बिछिया 2617
बीघापुर 1805 फतेहपुर चौरासी 2868
गंजमुरादाबाद 2188 हसनगंज 3824
हिलौली 2578 मियागंज 2345
नवाबगंज 2922 पुरवा 2747
सफीपुर 2243 सिकंदरपुर करन 2019
सिकंदरपुर सरोसी 2423 सुमेरपुर 2744
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कुल परिवार 40495

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