बस्तियों में विकास नहीं करा पाएंगे डीडीसी

Unnao Updated Thu, 18 Oct 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। जिले की सबसे बड़ी पंचायत के सदस्यों के हाथ अब और तंग होने जा रहे हैं। अब वह बस्तियों के अंदर किसी तरह के विकास कार्य नहीं करा पाएंगे।
कम से कम पचास हजार आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाल जिला पंचायत के सदस्यों (डीडीसी ) के पास जनता के कार्यों के लिए कोई निधि नहीं होती है। वह पूरी तरह से सत्ता पक्ष ने जन प्रतिनिधियों, नेताओं और जिला पंचायत अध्यक्ष की कृपा पर निर्भर होते हैं। जिला पंचायत सदस्य माननीयों की गणेश परिक्रमा या जिला पंचायत अध्यक्ष से जुगाड़ लगाकर अपने निर्वाचन क्षेत्र के गांवों में कंक्रीट सड़कों, खड़ंजे या नालियों का निर्माण करवा लेते थे। किंतु अब बस्तियों के अंदर निर्माण कार्य डीडीसी नहीं करा पाएंगे।
दरअसल प्रदेश शासन ने जिले के 250 से 500 और 500 से 1000 आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की योजना बनाई है। पिछले दिनों गांवों का सर्वे कराकर सूची प्रदेश शासन को भेजी गई थी। इसमें 250 से 500 आबादी वाले गांवों की सूची जिला पंचायत को मिल चुकी है। दूसरी सूची जल्द ही आने वाली है। छोटे गांवों और मजरों को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम जिला पंचायत और मंडी समितियों को कराना है। इन सड़कों के निर्माण के लिए कोई विशेष बजट जिला पंचायत को नहीं दिया गया है, बल्कि उसी मद से खर्च किया जाएगा जिससे डीडीसी बस्तियों में सड़कें, नालियां बनवाते थे। इन संपर्क मार्गों में डीडीसी संस्तुतियों को जरूर पूरी तवज्जो दी जाएगी।

जिला पंचायत की समितियां महज दिखावा
उन्नाव। जिला पंचायत में विकास कार्यों और योजनाओं को अंजाम देने के लिए नियोजन एवं विकास, शिक्षा, निर्माण कार्य, स्वास्थ्य एवं कल्याण, प्रशासनिक और जल प्रबंधन समितियां बनाई गई हैं। प्रत्येक समिति में एक डीडीसी सभापति और छह सदस्य होते हैं। इसमें नियोजन एवं विकास, निर्माण कार्य और प्रशासनिक समिति का ही औचित्य है शेष तीन समितियां नाममात्र की ही हैं। जलप्रबंधन, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित कोई भी कार्य जिला पंचायत के अधीन नहीं है।

जिला पंचायत की समितियां
नियोजन एवं विकास
ज्योति रावत अध्यक्ष जिपं (सभापति), शांति देवी, सुनीता पाल, किरन, ओम प्रकाश, रत्नेश कुमार, सुजादररहमान सफवी (सभी सदस्य)

शिक्षा समिति
ज्योति रावत अध्यक्ष जिपं (सभापति), रेखा, लक्ष्मी, विमला, अवधेश सिंह, देवेंद्र सिंह, अतुल कुमार (सभी सदस्य)
निर्माण कार्य समिति
महेंद्र प्रताप (सभापति), , शांति देवी, अतुल कुमार, चंद्रकली, सुजाउररहमान सफवी, सुरेंद्र, सुमैया (सभी सदस्य)
स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति
मालवी रातव (सभापति), ओम प्रकाश, बृज किशोर, गीता पासी, अर्चना पाल, मंजू (सभी सदस्य)
प्रशासनिक समिति
ज्योति रावत (सभापति), , महेंद्र प्रताप, अतुल कुमार, रेखा, सुमैया, सुभाष सिंह, रत्नेश कुमार (सभी सदस्य)
जल प्रबंधन समिति
बालेंद्र प्रताप सिंह (सभापति), राम सजीवन, रामकिशुन , विजय लक्ष्मी, गोविंद, सुभाष सिंह, रत्नेश कुमार (सभी सदस्य)

वर्जन
जिला पंचायत सदस्य के पास विकास की कोई निधि नहीं होती है। उनके प्रस्तावों पर जिला पंचायत कार्य कराती है। जिन गांवों को संपर्क मार्गों से जोड़ने के लिए सूचीबद्ध किया गया है, वह किसी ने किसी जिला पंचायत सदस्य के क्षेत्र में ही आएंगे। विकास के कार्य शासन की मंशानुसार ही कराए जाते हैं।
हरिपाल यादव, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत

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