मरीज का नाम दर्ज करने के बाद दी जाएगी टीबी की दवा

Kanpur Bureau Updated Sun, 03 Dec 2017 11:05 PM IST
पंजीयन के बाद दी जाएगी टीबी की दवा


उन्नाव। एड्स व टीबी रोगियों की 13 दवाएं खुलेआम नहीं बिक सकेंगी। शासन ने अब तक मेडिकल स्टोरों पर आसानी से मिलने वाली इन दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है।



शासन की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक दवा विक्रेताआें को रजिस्टर बनाना होगा। इसमें दवा लेने वाले मरीज के साथ ही डाक्टर का नाम और पता भी लिखा जाएगा। इसके बाद ही मरीज को दवा दी जा सकेगी।




टीबी रोग से पीड़ित मरीजों को डाट्स सेंटर पर दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को एआरटी सेंटर से दवाएं मिलती हैं। इसके साथ ही टीबी व एड्स से पीड़ित व्यक्तियों के लिए कुछ दवाएं मार्केट में भी उपलब्ध रहती हैं। इन दवाओं में 13 को एंटी टीबी औषधि की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है।



स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार शासन ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली 1945 के तहत कुछ बदलाव किए हैं। इस नियमावली में आने वाली औषधियों की बिक्री का विवरण फुटकर दवा विक्रेताओं को रजिस्टर में दर्ज करना होगा।



पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की जिन 13 दवाओं को एंटी टीबी औषधि के रूप में शामिल किया गया, उन्हें देने से पहले दवा विक्रेताओं को मरीज की डिटेल रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। डीआई अजय कुमार संतोषी ने बताया कि दवा विक्रेताओं को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।



-दवा बिक्री के लिए विक्रेताओं को बनाना होगा रजिस्टर, मरीज के साथ लिखना होगा डॉक्टर का नाम व मोबाइल नंबर
अमर उजाला ब्यूरो

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