लक्ष्य पूरा होने से नहीं बन रहा गरीबों का राशन कार्ड

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 10:03 PM IST
Poor class does not have BPL card due to completed target
विज्ञापन
ख़बर सुनें
सुल्तानपुर। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी जिले मेें सभी पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पाया है। लक्ष्य पूरा हो जाने से पूर्ति विभाग ने पात्रों का राशन कार्ड बनाने से हाथ खड़ा लिया है। राशन कार्ड बनवाने के लिए गरीब भटक रहे हैं।
विज्ञापन

ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी पात्रों का राशन कार्ड नहीं बन रहा है। इससे गरीबों को सरकार के सस्ते दर पर मिलने वाले राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पूर्ति विभाग राशन कार्ड का लक्ष्य बढ़ाने की कवायद में जुटा है।

जिले में अंत्योदय योजना के तहत 80,361 राशन कार्ड बने हैं। पात्र गृहस्थी योजना के तहत बने राशन कार्डों की संख्या 3,63,664 है। अंत्योदय योजना के तहत प्रति राशन कार्ड 35 किलोग्राम राशन मिलता है।
इसमें 20 किलोग्राम गेहूं व 15 किलोग्राम चावल दिया जाता है। पात्र गृहस्थी योजना के तहत राशन कार्ड पर प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन मिलता है। इसमें तीन किलोग्राम गेहूं व दो किलोग्राम चावल कार्डधारकों को सस्ते दर पर मिलता है।
दोनों योजनाओं के तहत 4,44,025 राशन कार्ड बना होने के बाद भी काफी संख्या में पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पाया है। आए दिन अधिकारियों के पास लोग अंत्योदय योजना व पात्र गृहस्थी योजना के तहत अपात्र लोगों के नाम राशन कार्ड बना होने की शिकायत पहुंचा रहे हैं।
जरूरतमंद लोग राशन कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे हैं। राशन कार्ड बनाने में सबसे बड़ी दिक्कत यह आ रही है कि जिले का राशन कार्ड का लक्ष्य पूरा हो चुका है। बिना लक्ष्य बढ़े पात्र लोगों का राशन कार्ड बनना मुश्किल है। पूर्ति विभाग ने लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन को पत्र भेजा है।
ऑनलाइन आवेदन पर ठप पड़ी प्रक्रिया
जिले में राशन कार्ड बनवाने के लिए काफी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन आवेदन कर रखा है। ऑनलाइन आवेदन करते समय एक लाख रुपये सालाना का आय प्रमाण पत्र लगवाना पड़ता है। ऑनलाइन आवेदन पर संबंधित ब्लॉक के पूर्ति निरीक्षक की ओर से रिपोर्ट लगाई जाती है। रिपोर्ट के बाद राशन कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है। करीब छह माह से राशन कार्ड बनना बंद हो गया है।
केस-1
बल्दीराय। क्षेत्र में काफी संख्या में गरीब एवं पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बना है। इससे वे सस्ते दर पर दिए जाने वाले राशन से वंचित हैं। हलियापुर गांव निवासी सुशील कुमार ने बताया कि उनका अंत्योदय योजना का कार्ड बना था।
करीब पांच साल पहले कोटेदार ने राशन कार्ड कटवा दिया था। अधिकारियों के पास पांच साल से चक्कर काट रहा हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पत्नी की मौत हो गई है और छह बच्चों की परवरिश का जिम्मे उनके ऊपर है। इसी गांव की छोटका पत्नी भानु प्रताप ने बताया कि उनके पति करीब छह माह से बिस्तर पर पड़े हुए हैं।
बच्चों समेत पूरे परिवार का जिम्मा उनके ऊपर है। किसी तरह मजदूरी करके परिवार चला रही हूं। राशन कार्ड बनाने के लिए परेशान हैं। पुष्पा पत्नी रमेश कुमार ने कई बार कोटेदार को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए जरूरी कागज दिया, लेकिन राशन कार्ड नहीं बन पाया है।
यही हाल गांव की राम दुलारी पत्नी शिव भीख सिंह का भी है। वे भी राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशान हैं। गीता ने बताया कि उनका आधार कार्ड दूसरे के राशन कार्ड के साथ फीड कर दिया गया है।
कई बार फीडिंग की कमी दूर करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है। पूर्ति निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि अपात्र लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर कर देना चाहिए। ऐसा होने पर जरूरतमंद लोगों का राशन कार्ड बन सकेगा।
केस-2
कुड़वार। स्थानीय कस्बा निवासी खुशनुमा बानो पत्नी नौशाद का राशन कार्ड नहीं बना होने से परिवार दाने-दाने को मोहताज है। कोरोना के कारण नौशाद भी दिल्ली से सिलाई का काम छोड़कर घर चले आए हैं।
राइन टोला निवासी सहाना बानो पत्नी नियाज अहमद ने बताया कि राशन कार्ड निरस्त हो जाने से वे परेशान हैं। राशन कार्ड बनवाने के लिए वे पूर्ति विभाग का चक्कर काट रही हैं। आशमा बेगम पत्नी सगीर का सात लोगों का परिवार है।
राशन कार्ड में मात्र एक यूनिट दर्ज होने से उन्हें केवल पांच किलोग्राम ही राशन मिल रहा है। इसे ठीक कराने के लिए वे परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड लेकर पूर्ति विभाग का चक्कर लगा रही हैं। चंदा पत्नी स्व. राम प्रसाद गुप्त का राशन कार्ड नहीं बना है। परिवार के पांच लोग दाने-दाने को मजबूर हो गए हैं। कमर जहां ने बताया कि उनके परिवार में सात लोग हैं, लेकिन राशन कार्ड नहीं बन पाया है।
केस-3
लंभुआ। कस्बा निवासी रूबिया खातून पत्नी मुर्तजा का राशन कार्ड नहीं बना है। इससे उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। वे राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशान हैं। कस्बे की ही नाजिया खातून पत्नी अफसर अली का भी राशन कार्ड नहीं बना है।
राशन कार्ड नहीं बना होने से नाजिया का परिवार का सरकार के सस्ते दर पर मिलने वाले राशन का लाभ नहीं ले पा रहा है। पूर्ति निरीक्षक सुधा सिंह ने बताया कि लक्ष्य पूरा हो जाने से छह माह से राशन कार्ड नहीं बन रहा है।
केस-4
दोस्तपुर। नगर पंचायत दोस्तपुर के वार्ड सात निवासी कनकलता पत्नी स्व. अजय कुमार ने बताया कि वे कुछ दिन के अपने मायके चली गई थी। इसी दौरान कोटेदार ने उनका राशन कार्ड कटवा दिया, जिससे वे राशन नहीं पा रही है।
वे राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशान हैं। साईं की तकिया निवासी दीप माला पत्नी रामचंदर ने बताया कि उनके पास न तो खेती है और न ही आय का कोई अन्य जरिया ही है। राशन कार्ड भी नहीं बना है। किसी तरह से परिवार का पालन-पोषण कर रही है। राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार पूर्ति विभाग के अधिकारियों के पास दौड़ लगाई, लेकिन अभी तक कार्ड नहीं बन पाया है।
लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन को भेजा गया पत्र
जिलापूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि जिले में 4,44,025 राशन कार्ड बने हैं। इनमें अंत्योदय योजना के तहत 80,361 राशन कार्ड और पात्र गृहस्थी योजना के तहत 3,63,664 राशन कार्ड शामिल हैं। जिले का लक्ष्य पूरा हो जाने से राशन कार्ड बनना बंद हो गया है। लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00