आजादी के बाद अधूरी रही राजघरानों की चाह

Sultanpur Updated Sat, 25 Jan 2014 05:47 AM IST
सुल्तानपुर। जिले के राजघरानों ने देश को आजादी मिलने के बाद भी अपनी रियासत कायम रहने का सपना संजो रखा था। आजादी के बाद बनी पहली नेहरू सरकार में तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की ओर से लाए गए सख्त कानून के बाद जिले की रियासतों ने भारतीय गणराज्य में शामिल होना कुबूल किया था। शामिल होते समय स्टेटों का सरकार के साथ समझौता भी हुआ था। समझौते के तहत कुछ राजघरानों को पेंशन आदि की भी सुविधा काफी दिनों तक मिलती रही है। आज भी राजघरानों के उत्तराधिकारी सरकारी व्यवस्था से रियासती कामकाज अच्छा बताते हैं। उनका कहना है कि रियासतों में कई ऐसी व्यवस्थाएं हुआ करती थीं जो जनता के लिए ज्यादा हितकारी रहीं। अमूमन न्याय जनता को जल्दी मिल जाता था। अधिकतर का कहना है कि उनकी सोच का देश निर्माण नहीं हो पाया है।

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