पूर्व सांसद को कोर्ट से लगा झटका

Sultanpur Updated Sun, 24 Nov 2013 05:41 AM IST
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सुल्तानपुर। धनपतगंज के चर्चित गोलीकांड में कोर्ट से बसपा के पूर्व सांसद समेत छह आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। एडीजे पंचम ने सीजेेएम के शासन के मुकदमा वापस लेने के निर्णय को खारिज करने को सही ठहराया है।
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धनपतगंज बाजार में 25 नवंबर 2004 को बसपा के तत्कालीन सांसद मोहम्मद ताहिर खां काफिले के साथ पहुंचे थे। आरोप है कि मूंगफली विक्रेता पवन गुप्ता को सांसद ने रोड पर ठेला लगाने पर पिस्टल से गोली मार दी थी। इस बीच सांसद को गाली देने से मना करने पर मायंग निवासी कौशलेंद्र सिंह को उनके साथ रहे गौरव मिश्र उर्फ टीटू ने राइफल से गोली मारी थी। सांसद के साथ रहे बबलू जायसवाल, पाटनदीन, यार मोहम्मद और वाहन में बैठे आठ-दस अन्य लोगों पर भी अंधाधुंध फायरिंग करने का आरोप था। घटना से आक्रोशित लोगों ने यार मोहम्मद को राइफल के साथ पकड़ लिया था, जबकि सांसद व अन्य लोग मौके से भाग निकले थे। मामले में सांसद मोहम्मद ताहिर, मधुकरा का पुरवा मौजा मझवारा निवासी गौरव मिश्र उर्फ टीटू, माला का पुरवा मौजा निवासी पाटनदीन, कूरेभार के बरोला निवासी बबलू जायसवाल व कोतवाली देहात के मलिकपुर निवासी यार मोहम्मद के खिलाफ कूरेभार थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
पुलिस ने सांसद मोहम्मद ताहिर खां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वर्ष 2008 में शासन ने सांसद समेत अन्य के खिलाफ कोर्ट में चल रहे मुकदमे को वापस लेने का निर्णय लिया था। एपीओ नीरज श्रीवास्तव ने सीजेएम कोर्ट में मुकदमा वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। चार अगस्त 2011 को सीजेएम ने एपीओ के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। सीजेएम के फैसले को आरोपी बबलू जायसवाल ने जिला जज की कोर्ट में चुनौैती दी। एडीजे पंचम देवराज प्रसाद सिंह ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को बबलू की याचिका खारिज कर दी। इससे पूर्व सांसद व अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट न जाने पर उन्हें ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। न्यायाधीश ने कहा कि एपीओ ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में अपने विवेक अथवा मस्तिष्क का कोई प्रयोग नहीं किया था। लोक अभियोजक ने प्रार्थना पत्र में कहीं भी इस बात को अंकित नहीं किया है कि अभियोजन वापस लेने का क्या औचित्य है। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्तों का कृत्य दहशतगर्दी का है।
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