कागजों में ही विद्यालय भवन बना हड़प लिए 14.85 लाख

Sultanpur Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
सुल्तानपुर। सांसद निधि की रकम से बनने वाले दो स्कूल भवनों की जगह परती जमीन एवं उपजाऊ खेत पाये गये हैं। अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यालय प्रबंधतंत्र ने मिलकर 14 लाख 85 हजार रुपये की धनराशि हजम कर ली। कागजी रिपोर्टों में दोनों स्कूलों के भवनों का निर्माण दिखाया गया है। आरटीआई के तहत मांगी गई दो रिपोर्टों में इसका खुलासा हुआ है। एसडीएम लंभुआ की स्थलीय जांच रिपोर्ट में स्कूलों की जगह परती जमीन एवं खेत पाये गये हैं।
लंभुआ तहसील के लंभुआ ग्राम पंचायत में मदरसा गौशिया प्राइमरी पाठशाला एवं हाजी मो. इमाम अली गौशिया जूनियर हाईस्कूल संचालित दिखाया गया है। सोसाइटी, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण एवं एसडीएम लंभुआ की रिपोर्टों की मानें तो जिस गाटा संख्या में दोनों विद्यालय का निर्माण प्रबंधतंत्र ने दिखाया है, वहां कोई भवन या विद्यालय नहीं है। आरटीआई के तहत एसडीएम लंभुआ द्वारा एक सितंबर 2010 को दी गई सूचना में संबंधित गाटा संख्या को परती एवं उपजाऊ खेत बताया गया है। इन्हीं गाटा संख्या में दोनों विद्यालय का भवन निर्माण दिखाकर सांसद निधि की रकम हड़पी गई है। पूर्व बसपा सांसद ताहिर खां की निधि से दोनों विद्यालयों को 14 लाख 85 हजार रुपये की धनराशि दी गई थी। मदरसा गौशिया प्राइमरी विद्यालय को वर्ष 2005 से लेकर वर्ष 2008 तक आठ किस्तों में 12 लाख 15 हजार रुपये बिल्डिंग निर्माण के लिए जारी किए गए। इसी तरह हाजी मोहम्मद इमाम अली गौशिया जूनियर हाईस्कूल को वर्ष 2008 में एक लाख 35 हजार एवं वर्ष 2009 मेें एक लाख 35 हजार रुपये की दो किस्त दी गई। एक तरफ सांसद निधि से धनराशि जारी होती रही दूसरी तरफ डीआरडीए के अधिकारी-कर्मचारी कागजी विद्यालय की कागजों में निर्माण की पुष्टि करते रहे। इस तरह अधिकारियों-कर्मचारियों एवं प्रबंधतंत्र की सांठगांठ से सांसद निधि के 14 लाख 85 हजार रुपये डकार लिए गए। यही नहीं यह भी पता चला है कि जिस गाटा संख्या में विद्यालय दर्शाया गया है वह पूर्व में किसी दूसरे के नाम था। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी का प्रकरण सामने आने पर प्रबंधतंत्र ने वह जमीन संस्था के नाम कराई। मामले में विद्यालय के प्रबंधक गुलाम दस्तगीर का कहना है कि आरोप निराधार है। विद्यालय संचालित हो रहा है। पूरे पैसे का उपभोग किया गया है।

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