घट रही व्यापारियों की संख्या

Sultanpur Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
सुल्तानपुर। व्यापार पर वैट ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसके प्रभावी होते ही व्यापारियों की संख्या घटने लगी है। टैक्स की मार एवं नियमित रिटर्न दाखिल करने के डर से व्यापारी अपना पंजीयन वापस लेने लगे हैं। सिर्फ इसी वर्ष 118 पंजीयन वाणिज्य कर विभाग ने निरस्त किए हैं। वैट लगते ही वाणिज्य कर विभाग की स्थिति डांवाडोल होती जा रही है। वाणिज्य कर विभाग के आंकड़े बताते हैं कि चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जिले में 5,931 व्यापारी पंजीकृत थे। सितंबर में व्यापारियों की संख्या घटकर 5,813 हो गई। इस बीच 118 व्यापारियाें का पंजीयन रद्द किया गया। सूत्रों की मानें तो बीते तीन वर्षों में करीब दो हजार व्यापारियों का पंजीयन निरस्त किया गया है। व्यापारियों द्वारा अपना पंजीयन निरस्त कराने के पीछे वैट लागू होना बताया जा रहा है। पंजीयन निरस्त कराने वालों में ऐसे व्यापारी बताए जा रहे हैं जो सामयिक व्यवसाय करते चले आ रहे हैं। व्यवसाय नहीं चलने पर वे टैक्स एवं नियमित रिटर्न दाखिल करने के डर से अपना पंजीयन ही निरस्त करा रहे हैं। विभाग की मानें तो पंजीकृत व्यापारियों को कुछ शुल्क पंजीयन के बाद देना पड़ता है, चाहे वे व्यवसाय करें या न करें। नियमित रिटर्न भी दाखिल करना पड़ता है। व्यापारियों की संख्या में आ रही कमी वाणिज्य कर विभाग के लिए चिंता का विषय बनी है।

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