पांच हत्यारों को आजीवन कारावास

Sultanpur Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
सुल्तानपुर। एडीजे/एक्स कैडर द्वितीय और चुतर्थ की कोर्ट से शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों में पांच हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस क्रम में जामों थाना क्षेत्र के धर्मदास पुर मजरे गौरा में हत्या कर सुबूत मिटाने के दोषी चार अभियुक्तों और जगदीशपुर थाना क्षेत्र के नौडाड गांव में पत्नी की हत्या करने वाले पति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों पर जुर्माना भी लगाया है।
जामों थाना क्षेत्र के ग्राम धर्मदासपुर मजरे गौरा में हत्या कर सबूत मिटाने के लिए लाश ईंट-भट्ठे पर फेंकने के मामले में एडीजे/एक्स कैडर द्वितीय ने चार अभियुक्तों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 11-11 हजार रुपये जुमाने की सजा सुनाई। गांव निवासी वंश बहादुर से गांव के ही कुंवर बहादुर से पुरानी रंजिश चल रही थी। आरोपी वंश बहादुर, जीत बहादुर, रन बहादुर व राम बहादुर चार अगस्त 2009 को कुंवर बहादुर के दरवाजे पर पहुंचे और उसे बनपुकरा के दद्दन पासी के यहां निमंत्रण में बुलाकर साथ ले गए। वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन कुंवर बहादुर का पता नहीं चला। सात अगस्त 2009 को कुंवर बहादुर की लाश मगधपुर के ईंट-भट्ठे पर बरामद हुई। मृतक की पत्नी रानी की तहरीर पर दर्ज मुकदमे की विवेचना पूरी कर पुलिस ने अभियुक्तों वंश बहादुर, जीत बहादुर, रन बहादुर व राम बहादुर के खिलाफ हत्या कर सबूत मिटाने के अभियोग में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल अच्छेराम यादव ने 10 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। एडीजे/एक्स कैडर द्वितीय के न्यायाधीश राम कृपाल ने शुक्रवार को अभियुक्तों को हत्या कर सबूत मिटाने का दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने अभियुक्तों वंश बहादुर, जीत बहादुर, रन बहादुर व राम बहादुर को आजीवन कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। वहीं, तीन वर्ष पूर्व पत्नी की हत्या करने के मामले में जेल में निरुद्ध अभियुक्त को एडीजे/एक्स कैडर चतुर्थ ने शुक्रवार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला जगदीशपुर थाने के नौडाड गांव से जुड़ा है। गांव निवासी भानु प्रताप सिंह की लड़की आरती सिंह की शादी रायबरेली जिले के (अब अमेठी) मोहनगंज थाने के ग्राम पूरे दिलीप सिंह मौजा छतहुआ निवासी अखिलेश सिंह के साथ हुई थी। आरती को आठ वर्ष की एक बेटी थी। घटना से करीब तीन वर्ष पूर्व पारिवारिक विवाद होने से आरती अपने मायके में रह रही थी। 22 अगस्त 2009 की रात को अखिलेश सिंह अपनी ससुराल नौडाड आया था। 24 अगस्त 2009 को अखिलेश पत्नी आरती को अपने साथ लेकर घर से कुछ दूर पर स्थित ट्यूबवेल पर गया था। वहां उसने सब्बल से आरती पर हमला कर दिया। कुछ देर बाद आरती की मां शोभा सिंह व उसका भाई चंद्र प्रताप सिंह ट्यूबवेल पर गए तो देखा कि अखिलेश आरती को मार रहा था। लोगों के पहुंचने पर अखिलेश मौके से भाग निकला। गंभीर हालत में आरती को जीप से लेकर परिवार वाले जगदीशपुर सीएचसी गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता भानु प्रताप सिंह की तहरीर पर अभियुक्त अखिलेश सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेश चंद्र सिंह व सुरेश सरोज ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया। एडीजे/एक्स कैडर चतुर्थ के न्यायाधीश लालचंद्र ने दोनों पक्षों की बहस व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को अभियुक्त अखिलेश सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

Spotlight

Most Read

Jammu

पाकिस्तान ने बॉर्डर से सटी सारी चौकियों को बनाया निशाना, 2 नागरिकों की मौत

बॉर्डर पर पाकिस्तान ने एक बार फिर से नापाक हरकत की है। जम्मू-कश्मीर में आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

SMS के जरिए दिया तीन तलाक, देखिए क्या है वजह

लोकसभा में तो तीन तलाक का बिल पास हो गया लेकिन देश में तीन तलाक के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। यूपी के सुल्तानपुर में एक महिला को उसके पति ने SMS के जरिए तीन तलाक दे दिया। देखिए क्या है वजह।

7 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper