इंद्रभद्र सिंह के हत्यारे को उम्रकैद

Sultanpur Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
सुल्तानपुर। इसौली के पूर्व विधायक इंद्रभद्र सिंह हत्याकांड के बहुचर्चित मामले में दोषी करार दिए गए मुख्य अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश/एक्स कैडर प्रथम ने शनिवार को उम्रकैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने फैसले में हत्याभियुक्त को शेष बची उम्र कारागार में काटने का आदेश दिया है।
कोतवाली नगर के सीताकुंड इलाके में स्थित जनता दल के कार्यालय के पास 21 जनवरी 1999 को इसौली के पूर्व विधायक इंद्रभद्र सिंह की बम से मारकर हत्या कर दी थी। हत्या को अंजाम देने के बाद भाग रहे अभियुक्त दीनानाथ यादव उर्फ साधू यादव को लोगों ने दौड़ाकर पकड़ लिया था, जबकि अन्य अभियुक्त फरार हो गए थे। दीनानाथ चंदौली जिले के बबुरी बाजार थाने के भावपुर पुरबिया गांव का निवासी है। इंद्रभद्र सिंह के पुत्र चंद्रभद्र सिंह सोनू की तहरीर पर कोतवाली नगर में चर्चित संत ज्ञानेश्वर, दीनानाथ यादव, कूरेभार निवासी देवीप्रसाद, फैजाबाद जिले के हैदरगंज थाने के यादवपुर गांव निवासी रघुराज शर्मा और बिहार के गोपालगंज जिले के ग्राम व थाना फुलवरिया निवासी मोतीलाल के खिलाफ हत्या व साजिश रचने के अभियोग में मुकदमा दर्ज किया गया था। इंद्रभद्र सिंह की हत्या के तीन माह पूर्व मझवारा गांव स्थित संत ज्ञानेश्वर के आश्रम को क्षेत्र के लोगों ने उजाड़ दिया था। आश्रम उजाड़ने के लिए संत ज्ञानेश्वर पूर्व विधायक इंद्रभद्र सिंह को जिम्मेदार ठहरा रहा था। इसी रंजिश में संत ज्ञानेश्वर ने इंद्रभद्र सिंह की हत्या की साजिश रची थी और उसके शिष्यों ने हत्याकांड को अंजाम दिया था। संत ज्ञानेश्वर, दीनानाथ यादव, देवी प्रसाद, रघुराज शर्मा व मोतीलाल के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए सात और बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य में तीन गवाह अदालत में पेश किए गए। एडीजे/एक्स कैडर प्रथम के न्यायाधीश देवराज प्रसाद सिंह ने गुरुवार को मुख्य अभियुक्त दीनानाथ उर्फ साधू यादव को दोषी करार देते हुए को जेल भेजने का आदेश था। कोर्ट ने सह अभियुक्तों देवी प्रसाद व रघुराज शर्मा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अदालत ने शनिवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए तिथि नियत की थी। रायबरेली जेल में निरुद्ध दीनानाथ यादव को शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। सजा के बिंदु पर अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल राजेश सिंह ने दलीलें पेश की, जबकि अभियुक्त दीनानाथ ने खुद अपना पक्ष रखा। अदालत ने अभियुक्त दीनानाथ को उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित कर जेल भेजने का आदेश दिया। न्यायाधीश ने अभियुक्त को उसकी बची हुई समस्त उम्र कारागार में गुजारने का आदेश दिया है। विदित हो कि हत्याकांड के मास्टरमाइंड संत ज्ञानेश्वर की 2007 में इलाहाबाद के हड़िया थाना क्षेत्र में हत्या होने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा समाप्त कर दिया गया था, जबकि अभियुक्त मोतीलाल अब भी फरार चल
रहा है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल दो दिन के लिए बंद, छात्रा हुई जुवेनाइल कोर्ट में पेश

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र को चाकू मारने की घटना के बाद बच्चों में बसे खौफ को दूर करने के लिए स्कूल को दो दिनों के लिए बंद कर दिया है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

SMS के जरिए दिया तीन तलाक, देखिए क्या है वजह

लोकसभा में तो तीन तलाक का बिल पास हो गया लेकिन देश में तीन तलाक के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। यूपी के सुल्तानपुर में एक महिला को उसके पति ने SMS के जरिए तीन तलाक दे दिया। देखिए क्या है वजह।

7 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper