बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

शिक्षामित्र और आंगनबाड़ी सहायिका पर गिरी गाज

Sonbhadra Updated Tue, 12 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
कोन। चोपन ब्लाक के गांवों के निरीक्षण में जिलाधिकारी चंद्रकांत को कई खामियां मिलीं। इस पर उन्होेंने विभागीय अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। एक शिक्षामित्र और आंगनबाड़ी सहायिका को बर्खास्त करने का निर्देश दिया। स्कूली ड्रेस वितरण में खामी पर प्रधानाचार्यों से रिकवरी को कहा।
विज्ञापन

डीएम तेलगुड़वा गांव में स्थित नवाडीह प्राथमिक विद्यालय पर गए जहां अध्यापक न होने और शौचालय निर्माण अधूरा होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। ड्रेस मानक के अनुसार न होने पर प्रधानाध्यापक से रिकवरी कराने को कहा। आंगनबाड़ी सहायिका के अनुपस्थित रहने पर उसे बर्खास्त करने का निर्देश डीएम ने दिया। बरवाडीह गांव में प्राथमिक विद्यालय पर तैनात शिक्षामित्र से उन्होंने पूछताछ की, जिस पर शिक्षामित्र कुछ भी नहीं बता सके। उसे भी बर्खास्त करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। यहां ग्राम पंचायत भवन पर अभिलेख तलब किया और उसकी जांच की। किसी भी अभिलेख में रिकार्ड पूर्ण नहीं था इस पर सेक्रेटरी को कारण बताओ नोटिस दी। पूछताछ के दौरान एडीओ पंचायत अभिलेखों की संख्या नहीं बता पाए। वहां से डीएम कचनरवा गांव गए जहां चेकडेम का निर्माण कार्य देखा। मजदूरी भुगतान न होने की शिकायत मजदूरों ने की। फिर विद्यालय पहुंचे और बच्चों की कापी चेक की तो कई गलतियां मिली। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति न होने की शिकायत की। ग्राम प्रधान कुंज बिहारी जायसवाल की मांग पर डीएम ने हैंडपंप स्थापना के लिए डीडीओ को स्थल चयन करने का निर्देश दिया। यहां के सेक्रेटरी का वेतन रोकने का भी निर्देश उन्होंने दिया। नेरूइयादामर गए जहां फ्लोराइड की टंकी लगी है, उसे देखा और मजदूरी भुगतान नहीं होने पर ग्राम पंचायत को भुगतान के लिए निर्देशित किया। इसके बाद वे प्राथमिक विद्यालय गए, जहां बच्चों का ड्रेस देखकर भड़क गए। मास्टर को फटकार और बीएसए को रिकवरी का निर्देश दिया। पीपरखाड़ गांव में बन रहे आदिवासी एकलब्य विद्यालय को देखा। इस माडल विद्यालय की छत का बीम टेढा था, ईंट की गुणवत्ता और मजदूरी कम देने की शिकायत पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। समाज कल्याण अधिकारी को फटकार लगाई।

मनरेगा में 60-40 के प्रतिशत मानक को पूरा न करने पर उन्होंने क्षेत्र के 18 ग्राम प्रधान और सेक्रेटरियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। जन्म-मृत्यु पंजिका को तीन प्रतियों में बनाने का निर्देश दिया। पड़रछ गांव में आंगनबाड़ी केंद्र बंद देख उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ती और सहायिका की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान डीडीओ एनपी सिंह, बीएसए प्रभुराम चौहान, जिला ेकार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह, डीपीआरओ कार्यालय के अनिल केशरी, चोपन बीडीओ, एडीओ पंचायत आदि शामिल थे।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us