कनेक्शन तो बढ़ाते गए मगर लोड नहीं

Sonbhadra Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
कोन। उपभोक्ताओं की मांग और बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग बिजली नया कनेक्शन देता जा रहा है। मगर उस हिसाब से नया ट्रांसफार्मर नहीं लगा रहा है या फिर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि नहीं कर रहा है। क्षमता से ज्यादा मांग होने के कारण लाखों रुपये का ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। फिर भी विभागीय अधिकारी चेत नहीं रहे है। दूसरी तरह इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। हालत यह है कि ट्रांसफार्मर जलने पर उपभोक्ताओं को महीनों अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
बिजली विभाग क्षेत्र में उपभोक्ताओं के हिसाब से ट्रांसफार्मर लगाता है। उपभोक्ताओं का कनेक्शन बढ़ने पर विभाग ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि करता है या फिर नया ट्रांसफार्मर लगाता है। इसके लिए क्षेत्रीय अवर अभियंता प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजता है। बिना ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के विभाग को नया बिजली कनेक्शन नहीं देना चाहिए। मगर विभाग खुद नियमों को ताख पर रखकर मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन देता जा रहा है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। विभिन्न योजनाओं के तहत गांवों में विद्युतीकरण तेजी से किया जा रहा है मगर उस हिसाब से उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिल रहा है। कोन क्षेत्र की बात करें तो 1984 में क्षेत्र में विद्युतीकरण किया गया है। उस समय गांव की आबादी काफी कम थी। करीब तीन दशक होने जा रहे हैं। इस बीच उपभोक्ताओं की संख्या कई गुना हो गया। विभाग ने खुद उपभोक्ताओं के कनेक्शन का लोड एक से बढ़ाकर दो से तीन किलोवाट कर दिया। मगर इसके साथ तार और ट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई। कोन देवाटन मोड़ पर 25 किलोवाट का ट्रांसफार्मर लगा है। इस ट्रांसफार्मर पर 25 से ज्यादा कनेक्शन है और सभी का दो किलोवाट का कनेक्शन है। दिलीप, राजू, रामजी, ललित मोहन ने बताया कि यहां का ट्रांसफार्मर सालभर में छह बार जल चुका है। एक बार ट्रांसफार्मर लगने पर उपभोक्ताओं को पांच से छह हजार रुपये चंदा लगाकर देना पड़ता है। यही हाल कोन सब स्टेशन का भी है। कोन में उपकेंद्र पर पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर से तीन फीडर बनाया गया है। मगर दो ही फीडर चालू हो सके। ऐसे में फीडर ओवरलोडेड होने की वजह से आए दिन कुछ न कुछ खराबी आती रहती है। ग्रामीणों ने व्यापार मंडल और पांडु युवा मंच के बैनर तले दर्जनाें बार चक्काजाम और कोन बाजार में बंदी कराया मगर सिर्फ आश्वासन ही मिला। एसडीओ मनोज कुमार का कहना है कि मांग और आंदोलन होने पर स्टीमेट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा जाता है। लोड कम करने के लिए कचनरवा में सब स्टेशन के निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा तो कोनवासियों ट्रिपिंग से निजात मिल जाएगी।

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