अस्सी फीसदी विद्यालयों का निर्माण ठप

Sonbhadra Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
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सोनभद्र। जिले में खनन बंद होने का असर विद्यालयों के निर्माण कार्य पर दिखने लगा है। निर्माण सामग्री महंगी होने के चलते अस्सी फीसदी भवनों का निर्माण रुका हुआ है। जो बन भी रहे हैं, वह भी बहुत मंथर गति से। अब बरसात आ गई है। ऐसे में विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की फजीहत आसानी से समझ में आ सकती है।
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जिले में चार माह से खनन रुका है। इसका असर विकास की गति पर दिखने लगा है। इस सत्र में कुल 529 विद्यालय भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। जिसमें 499 प्राथमिक और 30 उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण कराया जाना था। जिसमें से लगभग 112 विद्यालय भवन बन कर तैयार हो चुके हैं। शेष 417 विद्यालय भवन का निर्माण सामग्री के महंगे होने या अनुपलब्धता के चलते इनका काम रुका हुआ है। सूत्रों का कहना है पहले के रेट के अनुसार भवनों के लिए धन आवंटित था। अब रेट काफी अधिक हो गया है। भवनों के निर्माण में ज्यादा लागत आ रही है। इसके चलते भी भवनों का निर्माण रुका हुआ है। अधिकारियों के दबाव के चलते भवन प्रभारी भी परेशान हैं। इसलिए वे काम भी काफी धीमी गति से करा रहे हैं। विभाग द्वारा फिर से इन भवनों के लिए ज्यादा धन आवंटित करना होगा, तब जाकर विद्यालय भवनों का निर्माण संभव है। चूंकि बरसात का मौसम चल रहा है और पर्याप्त भवन के न होने से बच्चों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अन्य मौसमों में तो बच्चे किसी तरह बाहर या बरामदे में बैठ कर पढ़ाई कर लेते थे, जो बरसात के मौसम में बाहर या बरामदे में बैठ कर पढ़ाई करना संभव नहीं है।
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