टमाटर की खेती से मुंह मोड़ने लगे किसान

Sonbhadra Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
सोनभद्र। टमाटर की खेती के लिए मशहूर सोनभद्र जिले में इस बार टमाटर की खेती काफी कम होने के आसार हैं। क्योंकि पिछले साल आई बाढ़ से टमाटर की खेती बर्बाद गई थी। इसलिए किसानों का रुझान इस बार इसकी खेती पर कम ही दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन

जिले में केकराही, करमा, जूड़ी, बहुअरा आदि टमाटर की खेती के लिए बेहद प्रसिद्ध स्थान हैं। इस बार यहां टमाटर की काफी कम नर्सरी की गई है। पिछले वर्ष आई बाढ़ के कारण किसान तबाह हो गए थे। उनकी लागत भी नहीं निकल सकी थी। महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया था। कई किसान कर्ज के बोझ तले दब गए थे, जो आज तक उबर नहीं पाए हैं। इसके चलते किसानों का इस बार टमाटर की खेती पर रुझान काफी कम है। केकराही के किसान पप्पू का कहना है कि अगर इस बार फिर से भगवान ने कहर बरसा दिया तो हम कहीं के नही होंगे। इसलिए इस बार केवल नाम मात्र की ही खेती की जा रही है ताकि नुकसान भी हो तो कोई गम न हो। बकाही के चंद्रकांत का कहना है बाढ़ के कारण करीब लाखों रुपये की बर्बादी हुई थी। इस बार इतना पैसा हम लोगों के पास नही बचा है कि हम खाद, बीज व दवा आदि की खरीद कर सकें। इसलिए इस बार कम खेती से काम चलाना पड़ रहा है। पकरीहवां के टमाटर के बड़े किसान राजेश्वरी ने इस बार कम ही नर्सरी डाली है। इनका कहना है कि प्रकृति को देखकर ऐसा कर रहे हैं। ज्यादा नुकसान सहने की अब क्षमता नहीं है। श्यामनारायण का कहना है कि इस बार कम खेती कर किसी प्रकार अपनी जीविका चलाई जाएगी अगर भगवान ने इसमें भी धोखा दिया तो हम पूर्णरुप से बर्बाद हो जाएंगे। वहीं महंगे बीज, दवा व मजदूरी को लेकर भी काफी हद तक किसानों ने कम खेती से काम चलाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us