समाज नफरत की आग में जल रहा

Sonbhadra Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
सोनभद्र। वर्तमान में समाज नफरत की आग में जल रहा है। ऐसे में समाज में सद्भावना स्थापित करने की जरूरत है। राष्ट्रीय एकता अखंडता, साम्प्रादायिक सौहार्द प्रेम व सदभाव कायम रखने के लिए अध्यात्म ज्ञान अत्यन्त आवश्यक है। जाति धर्म सम्प्रदाय के नाम पर विद्वेष की अगिभन फैल फैल रही है। यह बातें मंगलवार को राबर्ट्सगंज विकास खंड के उरमौरा गांव में स्थित मानव उत्थान सेवा समिति प्रांगण में आयोजित प्रेसवार्ता में हरिद्वार से पधारे महात्मा रनत्नेश्वरानंद महाराज ने कहीं।
उन्होेंने कहा कि समाज को मुक्ति दिलाना है तो उसमें लगाव पैदा करना होगा। जिस दिन मानव को अध्यात्म का लगाव हो जाएगा, समाज में चिंता शोक की जगह सुख शांति व परमानंद की प्राप्ति हो जाएगी। संत महात्मा समाज में सुख शांति बना रहे कि ईश्वर से प्रार्थना करते रहते हैं। उज्जैन से पधारे महात्मा रामबलियानंद जी ने कहा कि अध्यात्म ज्ञान शिक्षा देता है कि एक ही परमात्मा हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैनी, पारसी और बौद्ध आदि समस्त धर्मावलबिंयों में समाया है। समाज में अध्यात्म के ज्ञान के प्रचार, प्रसार की नितांत आवश्यकता है। शाम को रामलीला मैदान परिसर में मानव सेवा समिति उत्थान द्वारा आयोजित सत्संग को शुभारंभ विधि विधान से किया गया। महात्मा श्रीराम अलबेलानंद महाराज ने सत्संग सुना कर भक्तोें को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रमेश नाथ पाठक, कोमल सिंह, नरेंद्र गर्ग, बालमुकुंद सिंह, बच्चा केसरी, बृजमोहन पाठक आदि लगे रहें।

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22 जनवरी 2018

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