धन के दुरुपयोग पर कार्रवाई का निर्देश

Sonbhadra Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
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सोनभद्र। लघु सिंचाई विभाग द्वारा कागजों पर कुओं का निर्माण, जीर्णोद्धार कर सरकारी धन की बंदरबाट किए जाने का मामला शासन स्तर तक पहुंच गया है। राजधानी में बैठे लघु सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने अधिशासी अभियंता को पत्र भेज कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद भी भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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जनपद में वर्ष 2010-11, 2011-12, 2012-13 में आरआईडीएफ 15 योजनान्तर्गत करीब 65 करोड़ की लागत से कुल आठ सौ नये कुओं का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया जाना है। अधिकांश कुओं का कार्य अधिकारियों ने चहेते ठेकेदारों से 15 से 20 प्रतिशत कमीशन लेकर दे दिया है। पूर्व में इसकी शिकायत विभाग के आधा दर्जन से अधिक जेई ने मुख्य अभियंता को पत्र भेज कर की है। शासन ने विभागीय अवर अभियंताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल शुरू करा दी है। विगत 29 मई,12 को मुख्य अभियंता पीराम ने अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई वृत्त इलाहाबाद, सहायक अभियंता एसपी राम को पत्र भेज कर घोरावल थाना क्षेत्र के भरकना गांव निवासी विजय बहादुर के कूप की तथ्यात्मक जांच कर दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। करीब एक माह बीतने के बाद भी मुख्य अभियंता के पत्र पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार को विजय बहादुर ने बताया कि उनके यहां कोई अधिकारी नहीं गया है। कुएं का कार्य अधूरा है। सहायक अभियंता एसपी राम का कहना है कि विजय बहादुर के कुओं का कार्य करने के लिए संबंधितों को निर्देश दे दिया गया है।
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