विज्ञापन

गरीबों की छत भी हुई महंगी

Sonbhadra Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
दुद्धी। आदिवासी बहुल सोनांचल में गरीबों की छत महंगी हो गई है। एक वर्ष पहले तक अस्सी पैसे की कीमत में मिलने वाली खपरैल इस वर्ष डेढ़ रुपये में मिल रही है। यही हाल एसबेस्टस शीट, अंग्र्रेजी खपरैल और टीन शेड की भी है। बारिश का मौसम शुरू होते ही गरीबों को छत की मरम्मत कराना मुश्किल नजर आ रहा है।
विज्ञापन

वनाच्छादित कंदराओं से घिरे सोनांचल की वादियों में अभी भी अधिकांश लोग कच्चे मकानों में रहते हैं। ग्रामीण अंचलों में तो इक्का-दुक्का ही मकान पक्के हैं। मकानों के निर्माण के लिए नरिया खपरा के अलावा अंग्रेजी स्टाइल के खपरा की डिमांड अधिक होती है। इससे जहां कुम्हारों को रोजगार मिलता है वहीं सस्ते में मकान की छत तैयार हो जाती है। खपरैल और एसबेस्टस के मकानों को बारिश के पूर्व प्रतिवर्ष ठीक कराना होता है। देश में महंगाई से आम लोगों की हालत खराब है। अनाज सहित जनउपयोगी सभी सामानों की कीमतें बढ़ी है। खपरैल भी इससे अछूता नहीं रहा है। बिल्डिंग मैटेरियल की कीमतें बढ़ने पर तो सभी वर्ग परेशान है। मगर गरीबाें के छत के लिए खपरैल की कीमत बढ़ने का शोर कहीं नहीं सुनाई दे रहा है। ग्रामीणों की मानें तो इस वर्ष नरिया खपरा की कीमत डेढ़ सौ रुपये प्रति सैकड़ा हो गया है। एक कमरे के छत के लिए तीन हजार खपरैल की आवश्यकता होती है। ऐसे में इस वर्ष एक कमरे की छत के लिए पैंतालिस सौ रुपये सिर्फ खपरैल पर खर्च करने पड़ रहे हैं। मजदूर, बांस आदि की कीमत अलग है। पिछले वर्ष यही खपरैल सत्तर से अस्सी पैसे प्रति नग की दर से मिल रहा था। यही हाल ऐसबेस्टस, टीन शेड, अंग्रेजी खपरैल की भी है। इनकी कीमतें भी पच्चीस से पचास प्रतिशत तक बढ़ गई है। बारिश का मौसम शुरू हो गया है। ऐेसे में कच्चे मकानों के छत की मरम्मत का काम तेजी पर है लेकिन महंगाई की वजह से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के राम बाबू, चरन, मुकेश, रामबरन, गुलाब, रामचरन, देव कुमार आदि ने बताया कि एक तरफ महंगाई से आम लोगों का जनजीवन बेहाल है, इस पर खपरैल की बढ़ी कीमतों ने लोगों को परेशान कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us