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बेरोजगारी भत्ता पाने का उत्साह खत्म

Sonbhadra Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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सोनभद्र। सपा द्वारा बेरोजगारों को भत्ता देने के आश्वासन के बाद भले ही सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने के लिए बेरोजगारों की लंबी लाइनें लगी रहीं, लेकिन सरकारी नियमों के जंजाल की वजह से बेरोजगार भत्ता लेने नहीं पहुंचे हैं। यही कारण है कि घोषणा के तीन माह बाद भी यानी अप्रैल, मई व जून में अब तक मात्र 113 बेरोजगारों ने भत्ते के लिए आवेदन किया है। इतने कम आवेदन को लेकर विभाग के लोग भी चकित हैं, लेकिन उन्हें आशा है कि नियमों में ढील दिए जाने के बाद भत्ते के आवेदक बढ़ेंगे।
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विधान सभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी ने सरकार बनने पर बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा की थी। मुलायम सरकार एक बार पूर्व में बेरोजगारों को भत्ता दे भी चुकी है। इसी वजह से जैसे ही चुनाव में सपा को बहुमत मिलने का आभास लोगों को हुआ, बेरोजगारों की फौज सेवायोजन कार्यालय पर पंजीयन के लिए पहुंचने लगे। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 35 वर्ष से ऊपर तथा हाईस्कूल पास बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा की। इसके बाद तो सेवायोजन कार्यालयों पर पंजीयन के लिए बेरोजगार टूट पड़े। भत्ते के लिए उम्र सीमा न घोषित किए जाने की वजह से 72 से पचहत्तर वर्ष के उम्र के बेरोजगार भी पंजीयन के लिए पहुंचने लगे।
सोनभद्र में मार्च में दस हजार लोगों ने पंजीयन कराए। इस तरह जनपद में 31 मार्च तक पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 25 हजार 25 हो गई। अप्रैल में पंजीयन कराने वालों की संख्या एकदम घट गई तथा करीब एक हजार लोगों ने पंजीयन कराए। इसी बीच अखिलेश यादव ने तीस से चालीस वर्ष उम्र के बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा की। यही नहीं इसके साथ भत्ते के लिए तमाम शर्तें लगा दी। जैसे बेरोजगार के परिवार की आय, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, किसी भी रोजगार से अब तक दूर रहना, तीस मार्च तक पंजीयन तथा पंजीकृत बेरोजगारों से काम लेने की शर्त आदि। इन शर्तों को देख कर बेरोजगारों के सिर से भत्ते का सुरूर एकदम से उतर गया तथा अधिकतर बेरोजगारों ने भत्ते से दूर रहने में ही भलाई समझी। यही कारण है कि दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री के निर्देश पर बेरोजगारों को कई शर्तों में छूट दी गई। बेरोजगारों को अब स्थायी निवास प्रमाण पत्र नहीं लगाना होगा। पूरे परिवार की आय 36 हजार रुपये सालाना होने की शर्त लगाई गई है। यही नहीं पंद्रह अप्रैल तक आवेदन करने वालों को भत्ता देने की घोषणा की गई। बावजूद इसके यहां के युवाओं में कोई उत्साह नहीं दिख रहा है। अब तक 113 बेरोजगारों ने भत्ते के लिए आवेदन किया है, इसमें पांच महिलाएं शामिल हैं। इससे यह कहा जा सकता है कि सोनांचल के बेरोजगारों को भत्ता नहीं चाहिए।
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