पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद मिली थी कमान

Sonbhadra Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
प्रदीप चौबे
सोनभद्र। हार्डकोर नक्सली लालब्रत कोल को चंदौली जिले में 16 पुलिसकर्मियों, तीन वनकर्मियों की हत्या और खोराडीह में पीएसी कैंप लूटेे जाने के बाद आकाओं ने उसे उत्तरी गढ़वा जोन का जोनल कमांडर बना दिया था। इसके कंधों पर बेरोजगारों को नक्सल मूवमेंट से जोड़ने की जिम्मेदारी थी।
सूत्रों की मानेें तो पुलिस लाइन में पूछताछ के दौरान पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों को लालब्रत कोल ने जो जानकारी दी, उसे सुन कर पुलिसकर्मी भयभीत हो गए। उसने बताया कि वर्ष 1998 में नक्सली जयकरन और श्रीकांत के शरण में जाकर अपराध की दुनिया से नाता जोड़ा। कार्य में लगन और निष्ठा को देखते हुए वर्ष 2000 में आकाओं ने लालगंज, हलिया जोन का जोनल कमांडर बना दिया। कार्यभार ग्रहण करने के एक वर्ष बाद योजनाबद्ध तरीके से मिर्जापुर जिले के खोराडीह में स्थित पीएसी कैंप पर तैनात जवानों को पीटकर उनके हथियार लूट लिए गए थे। इसके बाद चंदौली जिले के नौगढ़ थाना क्षेत्र में तीन वनकर्मियों की हत्या कर ताकत का एहसास कराया गया। पुलिस प्रशासन और आम लोगों के अंदर भय पैदा करने के लिए पीएसी वाहन को उड़ाया गया, जिसमेें एक दारोगा, एक सिपाही व 14 पीएसी जवानों की मौत हो गई। यूपी में संगठन मजबूत होने के बाद आकाओं ने उत्तरी गढ़वा का जोनल कमांडेट बना दिया। झारखंड में ताबडतोड़ कई का सिर कलम किया गया। उसने बताया कि विगत दो वर्ष पूर्व सोन गंगा विंध्य कमेटी के संरक्षक तीन लाख का इनामी मुन्ना के साथ हो गया था।
उसने बताया कि बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के दर्जन्रों सफेदपोश संगठन का आर्थिक सहयोग करते हैं। वजह चुनाव के वक्त नक्सलियों का सहयोग लेते हैं। नक्सली दुरूह और नक्सल क्षेत्र में निवास करने वालों को डरा, धमका कर नेताओं के सिर में जीत का सेहरा बंधवाते हैं। जीत के बाद जो नेता वादा खिलाफ करता है, उसे सबक भी सिखाया जाता था। नेताओं द्वारा नक्सलियों के दवा और भोजन तक की व्यवस्था कराई जाती है।

सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाला
सोनभद्र। पुलिस प्रशासन के साथ ही सीआरपीएफ का भी हार्डकोर नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा, अजीत कोल और लालव्रत को पकड़ने में बड़ा योगदान रहा है। मंगलवार को एसपी द्वारा छिकड़ा जंगल में नक्सलियों के होने की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट प्रेम थापा, उप सेना नायक पवन कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर नक्सलियों से मोर्चा संभाल लिया। सीआरपीएफ के आलाधिकारी बीएल मीना समेत अन्य अधिकारी ने पकड़े गए नक्सली से पूछताछ की।

टीम को छह लाख इनाम मिला
सोनभद्र। यूपी में नक्सलवाद को जन्म देने वाला हार्डकोर नक्सली लालब्रत कोल को गिरफ्तार होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। नक्सलियों का सफाया करने वाली टीम को इनाम और बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। सीआरपीएफ के डीजी ने खुद की जान जोखिम में डाल कर हार्डकोर नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा और अजीत कोल को जिंदा पकड़ने वाली पुलिस टीम को छह लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। एसपी ने बताया कि डीजी द्वारा प्राप्त हुए इनाम का टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को बांटा जाएगा।

दबंगों के अत्याचार ने बना नक्सली
सिर कलम करने में था माहिर

सोनभद्र। चंदौली जनपद के चकरघट्टा थाना क्षेत्र के झारियांव गांव निवासी नक्सली लालब्रत कोल गरीबों को न्याय दिलाने के लिए माआवादियों की शरण में गया। लालब्रत ने बताया कि गांव के कुछ दबंगों द्वारा गरीबों के ऊपर अत्याचार किया जा रहा था। श्रमिकों से काम करा कर उन्हें मेहनताना नही दे रहे थे। पगार मांगने पर गरीबों की पिटाई की जाती थी। पूजीपतियों द्वारा गरीबोें पर किए जा रहे जुर्म को रोकने के लिए जयकरन और श्रीकांत की शरण में जाना पड़ा। संगठन में शामिल होने के बाद गरीबों के ऊपर अत्याचार करने वालों को सबक सिखाया गया।
सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो लालब्रत ने बताया कि संगठन का वसूल कुल्हाड़ी से दुश्मनों के सिर को कलम करना है। सिर कलम करने से लोगों के अंदर भय पैदा होता है। डर के वजह से बड़े आदमी संगठन को मजबूत बनाने के लिए तन, मन धन से सहयोेग करते है। पुलिस के अधिकारी की मानें तो लालब्रत ंने अपने हाथों से आधा दर्जन लोगों का सिर कलम किया है।


इनसेट
पुलिस के निशाने पर इनामी, भगोड़ा अपराधी
सोनभद्र। अब पुलिस अधीक्षक के निशाने पर इनामी और भगोड़ा अपराधी है। एसपी ने दुर्दांत नक्सली तीन लाख का इनामी मुन्ना विश्वकर्मा, एक लाख का इनामी लालव्रत कोल और पचास हजार का इनामी अजीत कोल को गिरफ्तार कर यूपी से नक्सलियों को नामोेंनिशान समाप्त करने के बाद अपराधियों का निशाने पर ले लिया है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अभियान चला कर मुकदमे मेें वांछित आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। चुनाव के दौरान विघटन उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पति को देखते ही बिलखने लगी
सोनभद्र। चुर्क पुलिस लाइन परिसर में नक्सली लालव्रत कोल को देखते ही उसकी पत्नी बिलखने लगी। बिलख रही हार्डकोर की पत्नी ज्ञानदेवी ने बताया कि वर्षों बाद पति को देख रही हूं। यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और एमपी की पुलिस के डर से मेरे पति परिजनों से नही मिलते थे। दर्जनों मुकदमे में नामजद होने के बाद भी मेरे पति जिदां है और मेरा सुहाग बचा है, यह विश्वास नही हो रहा है। लालव्रत को देखने के लिए उसका पुत्र श्यामसुंदर, संतलाल और शक्तिमान भी गए थे। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को लालव्रत से मिलने से नही रोका।

इनसेट
ग्राम स्तर पर बनाई पार्टी सेल कमेटी
सोनभद्र। करीब डेढ़ दशक से पांच राज्यों की पुलिस के नाक में दम करके रखने वाला एक लाख का इनामी नक्सली लालव्रत कोल ने नक्सल फ्रंट पर कई जानकारी दी है। नक्सली ने बताया कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर पार्टी सेल कमेटी बनाई गई है। सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली में दर्जनों कमेेटी गठित है। हालांकि वर्तमान में पुलिस की सक्रियता के चलते कमेटी कार्य नही कर रही है। जबकि झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में हजारों कमेटियां संगठन को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय है। नक्सली ने टीम में शामिल लोगों का नाम, पता नोट कर संबंधितोें के कार्यप्रणाली की जांच शुरू कर दी है।

लालव्रत को आठ दिन रिमांड पर लेने की तैयारी
सोनभद्र। पुलिस प्रशासन पुलिसकर्मियों, वनकर्मियों, ठेकेदारों और मुखबिरों को मौत के घाट उतारने वाले हार्डकोर नक्सली लालव्रत कोल को आठ दिन रिमांड पर लेने की तैयारी में हैं। एसपी ने बताया कि नक्सली को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया जाएगा। गौरव तलब हो कि पुलिस दुर्दांत नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा और अजीत कोल को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।
लालव्रत कोल के चढ़ने की खबर मिलते ही पड़ोसी बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य के कई थानों की फोर्स चुर्क पहुंच गई। गैर प्रांतों की पुलिसकर्मियों ने लालव्रत से पूर्व में घटित घटनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने नक्सली से उसके सहयोगियों का नाम और ठिकानों के बारे में जानकारी इकट्टठा की। गैर प्रांतों के पुलिसकर्मियोें का कहना रहा कि लालव्रत कोल संगठन को मजबूत बनाने के लिए लेवी वसूलवाने का कार्य करता था। मई माह में यूपी और बिहार पुलिस ने दर्जन भर नक्सलियों को गिरफतार करके नक्सली संगठन में हड़कंप मचा दिया है। नक्सली नेताओं ने पुलिस के मुखबिरोें को मौत के घाट उतारने का फरमान जारी कर दिया है। इसका खुलासा मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़े हार्डकोर नक्सली लालव्रत कोल ने किया है। उसने बताया कि वर्तमान मेें संगठन कमजोर हो गया है। नक्सलियों के पास हथियार नही रह गए हैं।

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