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बिल से अधिक ले रहे हैं सुविधा शुल्क

Sonbhadra Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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कोन। विद्युत विभाग की लापरवाही से बाजारवासी बिजली बिल से अधिक सुविधा शुल्क का भुगतान कर चुके हैं। अत्यधिक बोझ की वजह से आए दिन बाजार में लगा ट्रांसफार्मर जल जा रहा है तथा हर बार इसे बदलने के लिए धन की मांग की जा रही है। उपभोक्ताओं से प्रति माह डेढ़ सौ रुपये बिल की वसूली होती है। इस तरह एक वर्ष में उपभोक्ताओं ने 18 सौ रुपये का भुगतान किया है, जबकि 25 केवीए का ट्रांसफार्मर चार बार जला है तथा हर बार सुविधा शुल्क लेकर इसे बदला गया। अनुमान के मुताबिक एक वर्ष में एक उपभोक्ता ने 22 सौ रुपये सुविधा शुल्क का भुगतान किया है।
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बाजारवासियों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए चाची कला मोड़ के समीप 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इस ट्रांसफार्मर पर 18 उपभोक्ताओं के कनेक्शन दिए गए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग के कर्मचारी अवैध धन लेकर कटियामारी करा रहे हैं। इससे ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक बोझ आ जा रहा है तथा आए दिन ट्रांसफार्मर जल जा रहा है। लोग कई बार इसकी क्षमता बढ़ा कर 63 केवीए का करने की मांग कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी है। अत्यधिक बोझ की वजह से चार दिन पूर्व ट्रांसफार्मर चौथी बार फिर से जल गया है और लोग अंधेरे में रहने को बाध्य हैं। बिजली उपभोक्ता दिलीप कुमार, रामजी गुप्ता, राजीव जायसवाल, लक्ष्मी कुमार, राजकुमार, उमेश ओझा, ललित मोहन, रामप्रकाश आदि का कहना है कि जले ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए विभागीय कर्मचारियों द्वारा हर बार दस हजार रुपये वसूले जाते हैं। चंदा लगाकर पैसा देने के बाद ही ट्रांसफार्मर को बदला जाता है।

अब तक उपभोक्ता तीन बार ट्रांसफार्मर बदलने के लिए तीस हजार रुपये दे चुके हैं। चौथी बार भी दस हजार रुपये चंदा एकत्र किया जा रहा है। इस तरह एक वर्ष में प्रति उपभोक्ताओं ने 22 सौ रुपये खर्च किए हैं। जबकि बिजली बिल के रूप में उनके डेढ़ सौ रुपये महीने वसूले जाते हैं और एक वर्ष में18 सौ रुपये वसूले जा चुके हैं। इस तरह एक वर्ष में उपभोक्ताओं से बिल से अधिक सुविधा शुल्क वसूला जा चुका है। उपभोक्ताओं ने आंदोलन को चेताया है। विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ मनोज कुमार ने बताया कि अत्यधिक भार की वजह से ही बार बार ट्रांसफार्मर जल रहा है। इसकी क्षमता बढ़ा कर 63 केवीए का करने के लिए जेई को स्टीमेट बनाने का निर्देश दिया जा चुका है। तब क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।
रही बात पैसे वसूली की तो विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर बदलने के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता है। ठेकेदारों द्वारा पैसा लिया जाता होगा, इस बारे में बता नहीं सकता।

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