लेखपाल की सेवा समाप्त

Sonbhadra Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
घोरावल। तहसील क्षेत्र में एसडीएम और तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से बैंक से 46 लाख रुपये निकालने वाले तथा सैकड़ों एकड़ जमीन की हेरफेर करने वाले लेखपाल की सेवा सोमवार को एसडीएम ने समाप्त कर दी। लेखपाल पर पिछले दो वर्षों से यह मामला चल रहा था। पूर्व एसडीएम और तहसीलदार ने स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में तैनात लेखपाल लक्ष्मण प्रसाद पर एसडीएम और तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से कई किश्तों में बैंक से 46 लाख रुपये निकालने और मनमाने ढंग से जमीनों की हेर फेर करने का आरोप लगाया गया था।
काश्त तथा ग्राम समाज की जमीनों को मनमाने ढंग से कब्जा दिलाने की वजह से सैकड़ों ग्रामीण अभी भी मुकदमा लड़ रहे हैं। इस मामले का खुलासा होने के बाद दो वर्ष पूर्व लेखपाल के खिलाफ जांच के बाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस केस में लेखपाल ने जमानत कराई थी। इस संबंध में एसडीएम विजय बहादुर सिंह ने बताया कि लेखपाल के खिलाफ जांच के बाद स्पष्टीकरण मांगा गया। स्पष्टीकरण में लेखपाल ने लिखित रूप में दिया कि एसडीएम और तहसीलदार के हस्ताक्षर असली थे तथा वह सिर्फ बैंक से पैसा निकालने गया था। पैसा अधिकारियों ने रखा है। लेकिन जांच में यह बयान सच्चाई के विपरीत मिला। इसी के मद्देनजर निलंबित लेखपाल की सेवा समाप्त कर दी गई है।

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