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13 ट्रेनों के सफर में सुरक्षा की गारंटी नहीं

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Sun, 16 Feb 2020 11:48 PM IST
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सीतापुर। ट्रेन का सफर अब जोखिम भरा हो गया है। ट्रेन में यात्री कब लूट, चोरी और छेड़खानी का शिकार हो जाए, यह कहना मुश्किल है। सीतापुर में प्लेटफॉर्म व यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था ज्यों की त्यों हैं। यही वजह है कि अपराधी इसका फायदा उठाकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बीते चार साल में 58 मुकदमे दर्ज हो चुके है।
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15 फरवरी को सीतापुर जीआरपी ने खुद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भेजी है। सूत्रों की माने तो रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि सीतापुर जंक्शन पर पूर्व में दो प्लेटफार्म थे, लेकिन अब बढ़कर तीन हो गए हैं। जिले से होकर 28 ट्रेनें गुजरती हैं।
रोजाना 8500 से लेकर 10 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए सिर्फ 15 ट्रेनों में ही स्कोर्ट चल रहा है, जबकि 13 ट्रेनें बिना स्कोर्ट के ही सैकड़ों यात्रियों को लेकर दौड़ रही हैं।
इन ट्रेनों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में मुसाफिर भगवान भरोसे ही सफर करने को मजबूर हैं। स्कोर्ट की तैनाती न होने से अपराधी बेखौफ हैं। उनके निशाने पर बिना स्कोर्ट वाली ट्रेनें हैं। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि जिन ट्रेनों में चोरी हुई हैं, उसमें स्कोर्ट नहीं लगता है।
बिना स्कोर्ट के चल रही ये ट्रेनें
चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस, कर्मभूमि एक्सप्रेस, जनसाधारण एक्सप्रेस, आनंदबिहार, गोरखपुर एक्सप्रेस, सीतापुर सिटी से बालामऊ-कानपुर, बालामऊ से सीतापुर आने वाली पैसेंजर, गोंडा पैसेंजर, दरभंगा अमृतसर, मैलानी से लखनऊ को जाने वाली, लखनऊ से सीतापुर आने वाली ट्रेनों में स्कोर्ट नहीं है। सूत्रों की माने तो कुछ सालों में जिन ट्रेनों में चोरी की 40 वारदातें हुईं हैं, उसमें स्कोर्ट की व्यवस्था नहीं है। चोरी की वारदातें होने के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
इनमें है सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि मोरध्वज एक्सप्रेस मुजफ्फपुर से जम्मूतवी, जननायक एक्सप्रेस अमृतसर से सहरसा, जनसाधारण अमृतसर से गोरखपुर, जनसेवा सहरसा से अमृतसर, जनसेवा अमृतसर से सहरसा, गोंडा पैसेंजर, बुढ़वल पैसेंजर, जनसेवा एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस, सीतापुर-बुढ़वल पैसेंजर, जनसाधारण एक्सप्रेस, गोरखपुर एक्सप्रेस, सीतापुर एक्सप्रेस समेत 15 ट्रेनों में स्कोर्ट लगाया जा रहा है।
जीआरपी थाने दर्ज वारदातें
वर्ष मुकदमे
2016 12
2017 15
2018 16
2019 15
वारदात ने उड़ाए थे जीआरपी के होश
2017 में बिहार के रहने वाले इद्दू ने सीतापुर से ट्रेन के गुजरने के दौरान चलती ट्रेन से एक-एक कर अपनी बेटियों को नीचे फेंक दिया था, उसमें से एक बच्ची की मौत हो गई थी। इस वारदात ने जीआरपी के होश उड़ा दिए थे। इस ट्रेन में भी स्कोर्ट नहीं था। सूत्रों की माने तो पिछले वर्ष बिसवां रेलवे स्टेशन पर युवती के साथ दुष्कर्म की कोशिश हुई थी, लेकिन जीआरपी ने छेड़खानी में केस दर्ज कर लिया था।
मेन पावर की आ रही कमी
सीतापुर जीआरपी में एक इंस्पेक्टर, तीन एसआई, 10 हेड कांस्टेबल, 45 सिपाहियों का मानक है। एसओ की माने तो मानक पूरे हैं, लेकिन विभागीय काम की वजह से मैन पावर की कमी कहीं न कहीं सुरक्षा में आड़े आ रही है। दो सिपाही पुलिस लाइंस, कोई कोर्ट से बाहर और चार लोगों की ड्यूटी गैर जिले में लगी है।
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