विज्ञापन

5226 एमटी सीएमआर चावल फंसा

Sitapur Updated Wed, 27 Mar 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
सीतापुर। जिले में धान खरीद समाप्त हुए करीब एक माह बीत चुका है, लेकिन अभी एफसीआई के गोदामों पर सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई खरीद का शत-प्रतिशत सीएमआर चावल नहीं उतर पाया है। शेष चावल न उतर पाने के कारण शासन स्तर से अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। वहीं विपणन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक चावल एफसीआई की हीलाहवाली से नहीं उतर पा रहा है। ऐसे में शत-प्रतिशत सीएमआर चावल एफसीआई गोदामों पर उतर पाना संभव नहीं नजर आ रहा है। जिले में शासन द्वारा खरीद एजेंसियों को 48,000 एमटी धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिये जिले में विपणन विभाग, पीसीएफ, एसएफसी, यूपीएसएस, यूपी एग्रो, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम, एनसीसीएफ द्वारा 65 क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू की गई थी। एक अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद 28 फरवरी को समाप्त हुई। इस दौरान जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 26127 मीट्रिक टन धान खरीद की जा सकी, जो लक्ष्य के अनुरूप मात्र 56 प्रतिशत थी। खरीद समाप्त होने के करीब एक माह बाद भी धान के सापेक्ष सीएमआर चावल एफसीआई के गोदामों पर नहीं पहुंच सका है। कुल खरीद के सापेक्ष 17505.06 मीट्रिक टन सीएमआर चावल एफसीआई के गोदामों पर जमा होना था, लेकिन अभी करीब 5226.33 एमटी सीएमआर चावल एफसीआई के गोदामों पर पहुंचना बाकी है। जिले में एकमात्र यूपीएसएस एजेंसी का शत-प्रतिशत चावल ही गोदामों पर उतर पाया है। सीएमआर चावल में देरी होने के कारण शासन ने अधिकारियों के पेच कसने शुरू कर दिये हैं। शासन द्वारा सीएमआर चावल में हो रही देरी को लेकर संबंधित खरीद एजेंसियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसे में अधिकारियों द्वारा जल्द से जल्द सीएमआर चावल एफसीआई भेजने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों की मानें तो चावल का मूल्यांकन समय से न होने पाने के चलते ये दिक्कत आई है। तकनीकी विशेषज्ञों को एक दिन में औसतन 15 लॉट चावल का मूल्यांकन करना पड़ता है। पर महज 5-6 लॉट का ही मूल्यांकन हो रहा है।
विज्ञापन
एफसीआई पर सुस्त रफ्तार से चावल उतर पाने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब अधिकारियों को शत-प्रतिशत चावल एफसीआई पर न उतर पाने की चिंता भी सताने लगी है। कारण, यह है कि गेहूं खरीद शुरू होने के साथ ही चावल उतार की प्रक्रिया बंद हो जाएगी। यदि ऐसा होता है तो संबंधित खरीद एजेंसियों के प्रभारियों को अपनी जेब से सरकार को सीएमआर चावल का भुगतान करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us