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फर्जी अभिलेखों से हथियाई सरकारी जमीन

Sitapur Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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सीतापुर। न्यायालय बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) ने बिसवां तहसील के सीपतपुर गांव की सरकारी जमीन को फर्जी अभिलेखों के सहारे हड़पने के मामले का खुलासा किया है। पट्टाधारकों के वाद दायर करने पर सच्चाई सामने आई। तत्कालीन चकबंदी अधिकारी के पारित आदेश भी संदिग्ध व फर्जी प्रतीत हुए। ऐसे में एसओसी न्यायालय ने विवेचना के आधार पर पूर्व में पारित सभी आदेशों को निरस्त कर दिया है। अभिलेखों में अमलदरामद कराने के आरोपी व अन्य संलिप्त के खिलाफ संबंधित पर पुलिस में केस दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही तीनों गाटा संख्या की जमीनों को नवीन परती में भी दर्ज करने को कहा।
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बिसवां तहसील के सीपतपुर ग्राम पंचायत, परगना कोडरी निवासी राम कुमार व वाहिद अली ने न्यायालय बंदोबस्त अधिकारी, चकबंदी (एसओसी) के यहां वाद दर्ज कराया था कि राम खेलावन ने पट्टे पर मिली जमीन को साजिश कर अपने नाम दर्ज करा लिया है। शिकायत करने वाले पीड़ित का कहना है कि जमीन का पट्टा उनके पिता के नाम से हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद यह उनके नाम दर्ज होना था। यह वाद एसडीएम बिसवां के यहां भी विचाराधीन है। न्यायालय ने दायर वादों की सुनवाई में अपीलकर्ताओं की बात सच पाई। इस मामले में न्यायालय बंदोबस्त अधिकारी, चकबंदी हरिहर राम ने पूर्व में छह जून 1989 व 27 जुलाई 2009 व दस जनवरी 2011 को चकबंदी अधिकारी द्वारा पूर्व निर्गत आदेशों को खारिज कर दिया।

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