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सात हजार टीचरों का वेतन लटका

Sitapur Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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सीतापुर। जिले के सात हजार टीचरों का वेतन लटक गया है। जिले में ई-पेमेंट भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद से यह दिक्कत आई है। जनवरी का वेतन न मिलने से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की बेचैनी बढ़ गई है। विभागीय अधिकारी सॉफ्टवेयर न मिलने से डाटा फीड न होने की बात कह रहे हैं।
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शासन ने वेतन भुगतान में पारदर्शिता लाने व समय पर वेतन देने के लिए ई-पेंमेंट योजना लागू की है। जिले में यह योजना अधिसंख्य महकमों में शुरू भी हो गई है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग अभी ई-पेमेंट योजना के क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। इसकी भी कई वजहें हैं। एक तो शिक्षकों के कंप्यूटराइज्ड डाटा फीड करने का कार्य अधूरा है। वहीं विभाग को अभी तक ई-पेमेंट प्रणाली का सॉफ्टवेयर भी नहीं मिला है। ऐसे में रिकॉर्ड फीड न होने से बेसिक शिक्षा विभाग के सात हजार से अधिक शिक्षकों का वेतन अटक गया है। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक अभी तक सरकारी विभागों में अफसर-कर्मचारियों के वेतन बिल मैनुवल तैयार किए जाते थे, फिर लेखा विभाग उन वेतन बिलों का वैरीफि केशन कर उन्हें ट्रेजरी को भेज देता था। ट्रेजरी उन्हें भुगतान करता था। ऐसे में कर्मचारियों को समय से वेतन मिलने में दिक्कतें होती थी। इस समस्या से निजात दिलाने के लिये शासन ने कार्मिकों को ई-पेमेंट के जरिए वेतन देने का फैसला लिया। बाद में इसका सॉफ्टवेयर भी ईजाद कराया। ये व्यवस्था लागू कराने के लिए बाकायदा विभागों को आदेश भी जारी किए गए। सीतापुर में भी शिक्षकों का डाटा कंप्यूटराइज्ड कराने के लिए बाकायदा बजट भी रिलीज किया गया। पर अब फरवरी माह के आठ दिन गुजर गए हैं। पैसा न मिलने से दिक्कतें बढ़ रही हैं।

तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो मानकों के अनुसार डाटा कंप्यूटराइजेशन कार्य फर्म के जरिए होना चाहिए था, लेकिन विभाग ने बगैर कोटेशन कराए विभागीय स्तर पर ही कार्य कराने का बीड़ा उठाया, मगर यह कार्य पूरा नहीं हो सका। बगैर ई-पेमेंट के जरिए वेतन निकल पाना अब संभव नहीं है। ऐसे में शिक्षकों का जनवरी का वेतन लटक गया। अधिकारी शासन स्तर से जिले को ई-पेमेंट का साफ्टवेयर भी अभी तक मुहैया नहीं हो पाने की बात कह रहे हैं। हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही दिक्कतें दूर कर ली जाएंगी।

प्राथमिक विद्यालय 2637
जूनियर हाईस्कूल 1259

ग्रामीण स्कूलों के शिक्षक 6862
शहरी स्कूलों के शिक्षक 214
कुल शिक्षक 7076


शिक्षकों को ऑनलाइन वेतन दिलाने के लिये सॉफ्टवेयर तैयार करवाया जा रहा है। जल्द ही सॉफ्टवेयर तैयार करवाकर शिक्षकों का वेतन बांट दिया जाएगा।
शिवनाथ सिंह निरंजन, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग

ऑनलाइन न होने से अब तक शिक्षकों का वेतन नहीं दिया जा सका है। वित्त एवं लेखा विभाग कार्यों में शिथिलता बरत रहा है। ट्रेजरी से ऑनलाइन सेलरी बैंक को जाने पर शिक्षकों को समय से वेतन मिल सकेगा। ऐसे कार्य में किसी अधिकारी की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजकिशोर सिंह, अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ

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