43 करोड़ से कटान रोकने को बनेगा तटबंध

Sitapur Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
सीतापुर। अब गांजर वासियों को कटान से होने वाली तबाही से जल्द निजात मिलने की उम्मीद है। तहसील लहरपुर, महमूदाबाद व बिसवां में बाढ़ के कहर से ग्रामीणों को बचाने के लिये नदी के किनारे तटबंध बनाए जाएंगे। इसके लिये बाढ़ प्रखंड पूरनपुर व बाढ़ मंडल लखीमपुर ने करीब 43 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। अधिकारियों की मानें तो प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। अगले वर्ष बारिश से पहले कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बारिश व नेपाल की नदियों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण सीतापुर से होकर निकली शारदा व घाघरा नदियां उफना जाती हैं। इससे जिले के लहरपुर, बिसवां व महमूदाबाद तहसीलों में जमकर तबाही मचती है। हजारों की संख्या में लोग आशियाने छोड़कर सड़क पर गुजर-बसर करने को मजबूर हो जाते हैं। प्रशासन द्वारा मदद के नाम पर इन्हें कुछ हजार रुपये की चेक दे दी जाती है। बाढ़ व कटान पीड़ितों द्वारा इन समस्याओं से निजात दिलाए जाने के लिये काफी समय से प्रशासन से मांग की जा रही थी।
इस वर्ष बाढ़ व कटान रोकने का जिम्मा शासन द्वारा बाढ़ प्रखंड, पूरनपुर को दे दिया गया था। बाढ़ प्रखंड को करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूरी तक तटबंध बनाया जाना था, लेकिन पर्याप्त बजट न मिल पाने के कारण मात्र 1500 मीटर दूरी तक ही तटबंध का निर्माण हो सका था, लेकिन अब बाढ़ मंडल लखीमपुर व प्रखंड पूरनपुर ने गांजरवासियों को निजात दिलाने के लिये 43 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की है। इसमें बिसवां, महमूदाबाद व लहरपुर तहसीलों में करीब 21 गांवों में तटबंध बनाए जाएंगे। ये तटबंध शारदा व घाघरा नदी के किनारों पर बनेंगे। तटबंध नदी में करीब 6 मीटर की गहराई तक बनाए जाएंगे। प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
बाढ़ से इस साल 485 लाख का नुकसानः यह बाढ़ गांजर की तीनों तहसीलों में जमकर तबाही मचाती है। इस साल आई बाढ़ में भी यहां की लहरपुर, बिसवां और महमूदाबाद तहसीलों में 200 से ज्यादा गांव घिर गए थे। कइयों की बाढ़ ने जान ले ली थी। बाढ़ के पानी की तेज धारा में कई कच्चे और पक्के मकान बह गए थे। बिसवां तहसील में सर्वाधिक करीब 200 मकान नदी में समां गये, जबकि लहरपुर में 48 व महमूदाबाद में 54 कच्चे व पक्के मकान नदी में समा गए। बाढ़ घटने के बाद प्रशासन ने क्षतिग्रस्त सरकारी संपत्तियों का आंकलन कराया। सर्वे में बाढ़ से लोक निर्माण विभाग और जल निगम को करीब 485 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक लोक निर्माण विभाग की लहरपुर, बिसवां और महमूदाबाद तहसीलों में 55 सड़कें और पुलिया क्षतिग्रस्त हुईं। विभाग को सबसे ज्यादा नुकसान लहरपुर तहसील में हुआ। इसी प्रकार जल निगम को बाढ़ से लाखों की क्षति हुई है। यहां की तीनों तहसीलों में 27 सरकारी हैंडपंप भी क्षतिग्रस्त हो गए थे, इनमें बिसवां तहसील के रेउसा ब्लॉक में 17 व लहरपुर तहसील के बेहटा ब्लॉक में दस हैंडपंप हैं। ऐसे में लोनिवि और जल निगम दोनों विभाग को करीब 485 लाख का नुकसान उठाना पड़ा।

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