नौ हजार किसानों को मिलेगी राहत

Sitapur Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
सीतापुर। प्रदेश सरकार की ओर से 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण को माफ किए जाने की घोषणा से जिले के छोटे व मध्यम श्रेणी के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों ने इसे कृषि कार्य में एक बड़ी मदद बताया है। सरकार ने गुरुवार को ग्राम्य विकास बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों के 50 हजार रुपये तक के कर्ज को माफ किए जाने की घोषणा की है। यह खबर मिलते ही किसानों के बुझे चेहरों पर मुस्कान दौड़ गई। इस घोषणा से करीब नौ हजार किसानों को राहत मिलेगी। जिले के किसानों पर करीब सात करोड़ रुपये का कर्ज है।
विधानसभा चुनाव के दौरान सपा ने ग्राम्य विकास बैंक से ऋण लेने वाले 50 हजार रुपये तक के कर्जदारों का ऋण माफ करने का वादा किया था। लगभग सात माह बीतने के बावजूद जब सरकार ने कर्ज माफी की घोषणा नहीं कि तो किसानों की मुश्किलें दोहरी हो गईं थीं। दरअसल कर्ज माफी की आस में अधिकांश ने बैंक किस्त की अदायगी बंद कर दी थी, जिससे ब्याज बढ़ता जा रहा था। किस्त समय से जमा नहीं होने पर बैंक शाखाओं ने बीते जून और अक्तूबर में किसानों को नोटिस भी दी थीं। नोटिस का डाक खर्च भी किसानों के लोन एकाउंट में जोड़ दिया गया था। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने सपा मुखिया के जन्मदिन पर कर्जमाफी कर ऐलान कर किसानों को राहत दी। सरकार की इस घोषणा से जिले के करीब नौ हजार किसानों को लाभ पहुंचेगा।


अभी नहीं मिला है कोई आदेश
किसान समय से अपनी किस्त अदा नहीं कर रहे हैं। उन्हें नोटिस जरूर जारी की गई है, लेकिन अभी तक किसी भी किसान की बंधक भूमि की नीलामी की नोटिस नहीं दी गई है। प्रदेश सरकार की इस नई घोषणा के बाद शासन अथवा बैंक उच्चाधिकारियों से जैसे निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसके अवस्थी, मुख्य शाखा प्रबंधक, ग्राम्य विकास सहकारी बैंक

घोषणा ने दी है राहत
लहरपुर के सिंघनापुर के प्रकाशचंद्र ने 50 हजार रुपये का फसली ऋण ले रखा है। वह बताते हैं कि किसान जब फसली ऋण लेता है तो बैंक उस फसल का बीमा स्वयं करा देती है और बीमे की किस्त को कर्ज में ली गई धनराशि से काट लेती है। बाढ़ या फिर आग लगने जैसी स्थिति में फसल को नुकसान हो जाता है तो किसान को अपनी ही फसल का क्लेम नहीं मिल पाता। ऐसे में कई बार कर्ज की अदायगी मुश्किल हो जाती है। मुख्यमंत्री की घोषणा से लगा कि अब सुख-चैन की जिंदगी जी सकूंगा। रेंगवा गांव के विजय कुमार ने पंपिंग सेट के लिए 25 हजार रुपये का कर्ज लिया था। उन्होंने 8 हजार रुपयों की अदायगी भी कर दी है। सरकार अगर किसानों के 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफ कर देगी तो गरीब किसानों को फायदा मिलेगा।

80 हजार ने लिया 1134 करोड़ का कर्ज
जिले में 25 बैंकों की कुल 234 शाखाएं हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों में इलाहाबाद बैंक की सर्वाधिक 17 शाखाएं हैं। इसके अलावा इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की 108, सहकारी बैंक की 38, भूमि विकास की नौ, एसबीआई की 15, पीएनबी की छह, यूनियन बैंक की पांच, बैंक ऑफ इंडिया की चार, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बदौड़ा और ओरियंटल तथा आईसीआईसीआई की दो-दो शाखाएं हैं। जिले भर में करीब चार लाख किसान हैं। जिनमें से करीब 80 हजार किसानों ने 1134 करोड़ 5 लाख 6 हजार रुपये का ऋण ले रखा है। जिसमें कृषि लोन और पशुपालन के लिए कर्ज शामिल है। जिले के दो लाख 94 हजार किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवा रखे हैं।

कर्ज माफी के बारे में अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं। बैंक शाखाओं द्वारा कर्ज की अदायगी के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं वह नए आदेश की प्राप्ति न होने तक जारी रहेंगे। आदेश मिलने के बाद उसमें दी गईं शर्तों के आधार पर बैंक यह निर्णय लेगा कि इसका लाभ किसको मिलना है।
एएन दास, अग्रणी जिला प्रबंधक (इलाहाबाद बैंक)

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