सड़क पर मकान तो बना दिया ब्रेकर

Sitapur Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
सीतापुर। शहर की गलियों और अंदरूनी सड़कों पर बने ब्रेकर आए दिन दुर्घटना का सबब बन रहे हैं। खास बात यह है कि इन ब्रेकरों को नगर पालिका या अन्य किसी निर्माण एजेंसी ने रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए नहीं बनवाया है। इन्हें शहर के बाशिंदों ने घर के सामने बनवाकर रफ्तार पर लगाम लगाने और खुद को महफूज करने की कोशिश की है। पहले तो लोग रोड साइड फ्लैट व मकान बनवाने में दिलचस्पी लेते हैं। इसके बाद तेज रफ्तार वाहनों से उड़ने वाली धूल घर के अंदर पहुंचती है तो घर के सामने सड़क पर अवरोधक का निर्माण करा लिया जाता है, ताकि वाहनों की रफ्तार पर रोक लग सके। पालिका एक्ट के मुताबिक ब्रेकर बनवाने पर ऐसे लोगों को दंडित भी किया जा सकता है। लोगों ने अपने घरों के सामने ब्रेकरों को मेड़ों की तरह बना लिया है। ये इतने ऊंचे होते हैं कि इनका दूर से अंदाजा हो जाता है।

केस-1
आर्य नगर मोहल्ले में डाक घर चौराहे से अग्रसेन अतिथि भवन की ओर जाने वाले मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। इन स्पीड ब्रेकर के आगे पीछे किसी भी तरह का पहचान चिह्न नहीं बना है। इससे आने जाने वालों को इसका पता ही नहीं चल पाता है। अक्सर लोगों को एकाएक वाहनों की रफ्तार कम करने के लिए ब्रेक लगाने पड़ जाते है। कई बार दुर्घटना होने का भी खतरा बन जाता है।

केस-2
शहर के विजयलक्ष्मी नगर मोहल्ले में सुमित्रा मांटेसरी स्कूल के पीछे वाले मार्ग पर भी कई वर्षों से स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। इस मार्ग पर वाहनों का विशेष आवागमन भी नहीं होता है। सिर्फ मोहल्ले के ही लोग अपने वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इस मार्ग पर बना स्पीड ब्रेकर का उपयोग ही नहीं है। हालांकि यहां से गुजरने वाले अनजान लोग अक्सर स्पीड ब्रेकर की जानकारी न होने से दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।

केस-3
शहर के पुराने सीतापुर इलाके के कजियारा मोहल्ले से दुर्गापुरवा की ओर जाने वाले मार्ग पर क्षेत्र के लोगों द्वारा अवैध रूप से गति अवरोधकों का निर्माण कराया गया है। इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में दोपहिया व चारपहिया वाहनों का आवागमन होता रहता है। इनमें मोहल्ले के लोगों के साथ कई बाहरी लोग भी शामिल रहते हैं। नगर पालिका द्वारा स्वीकृत न होने के बाद भी मार्ग पर बने अवरोधक को हटवाया नहीं जा सका है।

यह हो सकती है कार्रवाई
सड़क पर अवैध रूप से स्पीड ब्रेकर बनाने या अवैध अतिक्रमण करने पर पालिका द्वारा जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना 250 रुपये से अधिक होगा। इसके अलावा पब्लिक प्रापर्टी डैमेज एक्ट के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है।

अवैध रूप से स्पीड ब्रेकर बनाये जाने के संदर्भ में शिकायत प्राप्त होने पर कार्रवाई की जायेगी। अभी तक इस संदर्भ में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
-रवींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी

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