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शारदा नहर कटी, दस गांवों में घुसा पानी

Sitapur Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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लहरपुर (सीतापुर)। अलबटनपुर गांव के निकट शारदा सहायक पोषक नहर रविवार की सुबह अचानक कट गई। एकाएक नहर का पानी आसपास के गांवों में घुस गया। तेज बहाव से दस गांव पानी से लबालब हो गए। तीन कच्चे घर भी बह गए हैं। गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। करीब पांच हजार हेक्टेअर धान व गन्ने की फसल जलमग्न हुई है। नहर का पानी गांव में घुसते ही ग्रामीण अपने परिवार को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए। सूचना पाकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएम ने सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर एसके शर्मा को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कटान के चलते सड़क से आवागमन भी बंद हो गया है।
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शारदा नगर से सीतापुर के गांजरी इलाके में शारदा सहायक पोषक नहर की दो शाखाएं निकलीं हैं। यह नहर बाराबंकी होते हुए रायबरेली को जाती है। नहर में पानी का जलस्तर 4.40 मीटर होना चाहिए। इसके बावजूद रविवार को नहर 4.85 मीटर पर बह रही थी। नहर में मानक से ज्यादा पानी होने पर बहाव भी काफी तेज हो गया। इसी के चलते लहरपुर तहसील के अलबटनपुर के समीप सुबह आठ बजे बाईं शारदा पोषक नहर के किनारे क रीब 20 मीटर कट गए। नहर कटने से पानी पूरे वेग से सड़क को काटता हुआ अलबटनपुर गांव में घुस गया। बहाव इतना तेज था कि कुछ ही घंटों में पड़ोस के खरौंदापुरवा, अंदेशनगर, मदारापुरवा, पूरनपुर, पांडेय सरायं, अरवा लालपुर, गिरगिटपुर, जामिन नगर, मुरचरिनपुर, जमलापुर गांवों की फसलें भी बर्बाद हो गईं। पानी घुसने के कारण इलाके में हड़कंप मच गया, लोग अपनी जान बचाने के लिए गांव से भागने लगे। करीब 10:30 बजे तक पानी एक ही गति से नहर से निकलता रहा। नहर कटने की सूचना मिली तो अधिकारियों के होश उड़ गए। तत्काल शारदा नगर से पानी बंद करवाया गया। नहर कटान स्थल से 21 किमी. दूर ककराही स्थित रेग्युलेटर को बंद करा किसी तरह पानी का बहाव कम किया गया। दोपहर दो बजे तक नहर में करीब दो मीटर ही पानी कम हो सका था। वहीं जानकारी पाकर केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, सांसद कैसरजहां, विधायक जासमीर अंसारी, डीएम पंकज कुमार, एडीएम राजेश पांडेय व सिंचाई विभाग के अभियंता सहित कई अफसर मौके पर पहुंच गए। अभियंताओं ने बालू से भरी बोरियों से नहर पटरी को बांधने का प्रयास शुरू किया गया। देर रात तक राहत कार्य जारी था।

क्षमता से अधिक बह रहा था पानी
शारदा सहायक पोषक नहर में 4.40 मीटर ऊंचाई से पानी होना चाहिए, लेकिन रविवार को नहर 4.87 मीटर पर बह रही थी। करीब .47 मीटर पानी क्षमता से अधिक था। अधिकारी नहर पटरी कटने का यह एक प्रमुख कारण मान रहे हैं। एक विभागीय अभियंता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रविवार को अलबटनपुर के पास अचानक इतनी चौड़ाई से नहर कटी है, ऐसे में इसकी नींव चार से पांच दिन पूर्व ही पड़ गई होगी। उनका मानना है कि चार से पांच दिन पूर्व नहर से पानी का रिसाव शुरू हुआ होगा। नहर पटरी व इसका पर्यवेक्षण में लापरवाही का मामला उजागर हो रहा है।

पानी के आगे प्रशासन बेबस
शारदा नगर से निकली यह नहर लहरपुर में 46.700 किलोमीटर पर कटीं है। पानी को रोकने के लिए लहरपुर में रेग्युलेटर लगा रखे गए हैं, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण रेग्युलेटरों को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता है। सिंचाई विभाग के अधिकारी अब जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सुबह से लेकर देर शाम तक जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। नहर विभाग के अधिकारी किनारों को और अधिक कटने से रोकने के लिए कटान के आसपास के किनारों पर रेत से भरी बोरियों व पेड़ की टहनियों को काटकर डाला जा रहा है।

चीख पुकार से शुरू हुआ दिन
एकाएक नहर कटने ने ग्रामीण हलकान
सुबह के करीब आठ बजे थे। अलबटनपुर गांव में कुछ ग्रामीण नहर की ओर से शोर मचाते हुए पहुंचे और जो कुछ सामान हाथ में लगा उसे उठाकर भागने लगे। कई ग्रामीण कुछ समझ नहीं पाए। पर कुछ ही मिनट बाद पानी गांव की तरफ आता देख भगदड़ मच गई। महिलाएं व पुरुष अपने बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। मवेशियों की रस्सियां काटकर उन्हें भगा दिया गया। कई लोगों के कच्चे व पक्के घर व उनमें रखा सामान नहर के पानी के साथ बह गया। नहर कटने से अलबटनपुर के 93 परिवारों के 400 लोग, गिरगिटपुरवा के 35 परिवारों के 300 लोग, अंबेशनगर व उसके मजरा मदारापुरवा के 80 परिवारों के 450 लोग, निगेरिया के 65 परिवारों के 250 लोग सड़क पर आ गए हैं।

कटान पर अंकुश नहीं, मचती तबाही
तीन माह में कट चुकीं 6 नहरें व माइनर
नहर विभाग जिले में नहर और माइनरों के कटान पर अंकुश नहीं लगा पाया है। यहां के ग्रामीण इलाकों में आए दिन नहरें एवं माइनर कट रही हैं। इनके कटने से न सिर्फ गांवों में पानी घुस जाता है, बल्कि किसानों की फसलें जलमग्न हो जाती हैं। इससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। पिछले तीन माह में सीतापुर जिले में आधा दर्जन नहरें और माइनर कट चुकी हैं। बावजूद इसके विभाग इनके कटान को रोक पाने में नाकाम साबित हो रहा है, हालांकि विभागीय अफसर दावा करते हैं कि नहर व माइनर कटान रोकने के प्रति उनका विभाग सजग है।


कट चुकीं नहर व माइनर
हरगांव के बड़ेलिया के पास माइनर
महोली के रोहिया के समीप नहर
पिसावां के बीहड गौर के निकट नहर
मिश्रिख के कुतुबनगर के पास नहर
लहरपुर के बसोहिया में बड़ी नहर
लहरपुर के मोहिददीपुर में माइनर
लहरपुर के अलबटनपुर में शारदा नहर

शारदा सहायक नहर कैसे कटी, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पीड़ितों को भोजन आदि की व्यवस्था कराई जा रही है। पीड़ितों को हर संभव सहायता दिलाने के प्रयास किये जाएंगे। नहर विभाग द्वारा पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। लापरवाही मिलने पर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पंकज कुमार डीएम
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