प्रीमियम कट गया लेकिन खाते में नहीं पहुंचा

Sitapur Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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सीतापुर। लोग अपने परिवार की आर्थिक सुरक्षा और गाढ़े वक्त के लिए जीवन बीमा कराते हैं, पर अगर पैसे देने के बावजूद उनकी इस मंशा को पलीता लगा दिया जाए तो इसे बीमाधारकों के विश्वास के साथ छल ही कहा जाएगा। ऐसा ही छल सीतापुर नगर पालिका के सैकड़ों कर्मचारियों के साथ हो रहा है और इसे अंजाम देने वाली कोई निजी नहीं वरन देश की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम है। सीतापुर नगर पालिका के 160 कर्मचारियों ने एलआईसी का व्यक्तिगत बीमा कराया है। इसके एवज में हर महीने पालिका उनके वेतन से प्रीमियम काट एलआईसी को भेज रही है। मगर यह रकम पॉलिसी होल्डरों के खातों में जमा होने के बजाए निगम के खजाने में पड़ी है। ये कारनामा पिछले कई माह से चल रहा है। मौजूदा वक्त में पालिका कार्मिकों के लाखों रुपये निगम के खजाने में पड़े हैं। प्रीमियम की इंट्री न होने से कर्मचारियों पर पेनाल्टी का बोझ भी बढ़ रहा है। कई पॉलिसियां तो लैप्स होने की कगार पर हैं। अब पालिका प्रशासन एलआईसी प्रबंधक को पत्र लिखकर मामले को सुलझाने में लगा है।
पैसा भी, रिसीविंग भी मगर इंट्री नहीं
सीतापुर पालिका के जलकर, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य समेत अन्य विभागों के एक सौ साठ कर्मचारी हैं। कर्मचारियों ने भारतीय जीवन बीमा निगम से समय-समय पर विभिन्न प्रकार की पॉलिसी कराईं थीं। कर्मचारियों ने हर माह किस्त के रूप अपने वेतन मद से निर्धारित धनराशि की कटौती करवानी शुरू कर दीं। पालिका लगातार तय रकम काट रही है। साथ ही व्यक्तिगत बीमा पॉलिसियों से कटौती की गई रकम को पालिका सामूहिक तौर पर चेक के माध्यम से निगम को पेमेंट भी भेज रही है। एवज में उसे हर माह बाकायदा रिसीविंग भी मिल रही है।

पौने नौ लाख रकम फंसी
सीतापुर पालिका कर्मचारियों के वेतन मद से व्यक्तिगत बीमा पॉलिसियों की 11 लाख 94 हजार 214 रुपये काटी गई। ये रकम सितंबर 2010 से अप्रैल 2012 तक की है। इसमें से निगम ने तीन लाख 17 हजार 196 रुपये तो बीमा प्रीमियम की किस्त संबंधित खाते में फीड करा दी, मगर आठ लाख 77 हजार 18 रुपये अभी तक पॉलिसी होल्डरों के अकाउंट में फीड नहीं हुए हैं। ऐसे में आज भी ये रकम निगम के खजाने में पड़ी है।

कर्मचारियों के व्यक्तिगत बीमा प्रीमियम खातों में जमा न होने का मामला जानकारी में आया है। यूनियन ने एलआईसी प्रबंधक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। इसके लिए उन्हें एक हफ्ते की मोहलत दी गई है। तय वक्त में कार्रवाई न हुई तो संगठन एलआईसी मुख्यालय पर अपना विरोध दर्ज कराएगा।
सुधीर शुक्ला, मंत्री, पालिका कर्मचारी संघ

कर्मचारियों की बीमा प्रीमियम खाते में इंट्री न होने की जानकारी मिली है। इस प्रकरण में एलआईसी प्रबंधक को पत्र लिखकर जांच कराई जाएगी।
रविंद्र कुमार, ईओ, पालिका

मामला संज्ञान में नहीं है। जिन कर्मचारियों की पॉलिसियों में बीमा प्रीमियम की रकम खातों में इंट्री नहीं हो रही है, ऐसे सभी पॉलिसी होल्डरों की पालिका जानकारी दे। उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा।
बीके बनोदिया, प्रबंधक, एलआईसी सीतापुर

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