सुरक्षा व संरक्षा के नहीं दिखे इंतजाम

Sitapur Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
सीतापुर। हरगांव स्थित अवध चीनी मिल में सुरक्षा व संरक्षा के इंतजाम सिर्फ दिखावे भर हैं। मिल परिसर में मिनी अस्पताल स्थापित है लेकिन वहां भी स्वास्थ्य सुविधाएं न के बराबर हैं। ऐसे में दुर्घटना होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य के नाम पर मिल प्रशासन धोखा दे रहा है।
चीनी मिल परिसर में भी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक डिस्पेंसरी है। यहां पर एक डॉक्टर और दो फार्मासिस्ट तैनात हैं। यहां तैनात डॉ. आरपी मिश्रा के पास बीयूएमएस की डिग्री है। ऐसे में वह दुर्घटनाओं के दौरान घायलों का प्राथमिक उपचार नहीं कर सकते। शनिवार को भी हादसे में घायल मजदूरों को तत्काल चिकित्सा मुहैया नहीं कराई जा सकी। हालांकि मिल प्रबंधन का दावा है कि घायलों का एक एमबीबीएस डॉक्टर से प्राथमिक उपचार कराया गया था। बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सीतापुर रेफर कर दिया गया। ऐसे में चीनी मिल में हुए हादसे के बाद मिल अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती को लेकर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। जिला गन्ना अधिकारी ओम प्रकाश सिंह की माने तो चीनी मिलों की डिस्पेंसरी में कम से कम एमबीबीएस डिग्री धारक डॉक्टर की तैनाती होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों की डिस्पेंसरियों में डॉक्टरों की तैनाती की समीक्षा की जाएगी। साथ ही उन्हें इस बाबत निर्देश दिए जाएंगे कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले मिल प्रबंधन अपनी-अपनी डिस्पेंसरियों में समुचित डिग्री धारक डॉक्टरों के साथ ही पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कर लें।

घटना के बाद से मिल में पसरा सन्नाटा
हरगांव (सीतापुर)। अवध चीनी मिल में शनिवार को हुए हादसे के बाद चीनी मिल परिसर में सन्नाटा पसर गया। अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा गार्डों ने मिल के सभी गेटों पर ताला लगा दिया। मिल के बाहर सीतापुर-लखीमपुर मुख्य मार्ग पर जुटे लोगों की खामोशी यह बयां कर रही थी कि यहां कोई बड़ा हादसा हुआ है। हालांकि मौके पर पहुंची हरगांव थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक चीनी मिल में शनिवार को गैस टैंक की प्लेटें बदलते समय हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। वहीं छह अन्य मजदूर बुरी तरह घायल हो गए। घायलों में तीन मजदूरों को लखनऊ, ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। घटना के बाद सूचना पाकर हरगांव पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच कर घायलों को इलाज के लिए भेजा। साथ ही चीनी मिल के कुछ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन घटना के बाद एहतियात के तौर पर मिल की सुरक्षा-व्यवस्था की दृष्टि से चीनी मिल के निजी गार्डों ने ताला बंद कर दिया। वहीं हादसे के बाद से ठेकेदार गायब है। घायल मजदूरों ने उसके मोबाइल पर बात करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं मिल रहा है। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी बालेंदु भूषण सिंह ने अस्पताल पहुंच कर घायलों हालचाल जाना।

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