कागजों पर घनघनाते, हकीकत में साइलेंट

Sitapur Updated Mon, 01 Oct 2012 12:00 PM IST
सीतापुर। जिले में बीएसएनएल के अधिसंख्य दूरभाष केंद्र ऐसे हैं, जिनकी ‘रिंगटोन’ कागजों पर तो घनघना रही है पर हकीकत में वे साइलेंट हैं। इस समय जिले के 72 दूरभाष एक्सचेंजों में तकरीबन सात हजार बेसिक फोन कनेक्शन ऐसे हैं, जो कथित रूप से चालू हैं। हर महीने निगम इनकी बिलिंग भी कर रहा है, मगर वास्तविकता यह है कि इनमें तीस-चालीस फीसदी बेसिक फोन ऐसे हैं जिनकी घंटियां सुनाई ही नहीं देतीं।
विभागीय सूत्रों की मानें तो इसकी कई वजहें हैं। एक तो निगम की बदहाल सेवाएं, दूसरे निगम की अंडर ग्राउंड टेलीफोन लाइनों का कटना। नतीजतन उपभोक्ताओं ने निगम की बेसिक फोन सुविधाओं से अपना मुंह मोड़ लिया है। जानकारों की मानें, तो अक्सर चोर एक्सचेंजों से गांवों तक बिछाई गई भूमिगत टेलीफोन लाइनें काट ले जाते थे। इससे क्षेत्र के सभी बेसिक फोन डेड हो जाते थे। उपभोक्ता इनकी शिकायतें दर्ज कराते, मगर न तो उनकी लाइन मैन सुनते थे और न ही अफसर। ऐसे में महीनों निगम की सेवाएं बाधित रहती थीं। कोई विकल्प न होने पर उपभोक्ता मजबूरन निगम की सेवाएं लेते रहते थे। अब सेल्युलर मोबाइल सेवा की लॉचिंग के बाद लोग बेसिक फोन को अलविदा कह रहे हैं। खास बात तो यह कि जिले में एक दर्जन ऐसे एक्सचेंज हैं, जिनमें कनेक्शनों की संख्या तो सिफर है, फिर भी वहां न सिर्फ कर्मचारी तैनात हैं, बल्कि वेतन समेत अन्य मदों में लाखों रुपये खर्च भी हो रहे हैं।

केस-1
एलिया ब्लॉक का इमलिया दूरभाष केंद्र। 1999 में स्थापना हुई थी, उस वक्त यहां छह सौ बेसिक फोन कनेक्शन थे। पर अब महज तेरह कनेक्शन ही रह गए हैं। चालू कनेक्शन सरकारी कार्यालय में लगे हैं।

केस-2
ऐलिया ब्लॉक का दूरभाष केंद्र काजीकमालपुर। यह केंद्र 2003 में स्थापित हुआ था। यहां तीन सौ कनेक्शन थे। लचर सेवाओं के चलते ज्यादातर ने कनेक्शन कटवा लिए। अब केवल दो ही बचे हैं।

केस-3
गोंदलामऊ ब्लॉक का रामगढ़ दूरभाष केंद्र। यह केंद्र दस वर्ष पहले स्थापित हुआ था। दो सौ बेसिक फोन कनेक्शन थे। कागजों पर 36 कनेक्शन चल रहे। पर हकीकत में सिर्फ 12 फोन घनघना रहे हैं।

केस-4
पिसावां ब्लॉक का कुतुबनगर दूरभाष केंद्र। शुरू में यहां दो सौ बेसिक फोन कनेक्शन थे। बदहाल सेवाओं के चलते उपभोक्ताओं ने मुंह मोड़ लिया। मौजूदा वक्त में यहां महज 25 बेसिक फोन कनेक्शन रह गए हैं।

केस-5
गोंदलामऊ ब्लॉक का दूरभाष केंद्र संदना। 1979 में यह केंद्र कोरौना में था। 1995 में संदना में शिफ्ट हो गया था। इस केंद्र में डेढ़ सौ कनेक्शन थे। वर्तमान में बीस कनेक्शन हैं, पर पांच ही चालू हालत में हैं।

‘निगम की बेसिक फोन सेवाओं में गिरावट आई है। इससे बेसिक फोन कनेक्शनों की संख्या घटी है। कई दूरभाष एक्सचेंज कनेक्शन विहीन हो गए हैं। बदहाल सेवाओं को दुरुस्त करने के निगम द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। वहां पर नए बेसिक फोन उपभोक्ताओं को जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
संजय कुमार केसरवानी, टीडीएम, बीएसएनएल’

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