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दोस्त ने रिश्तेदार के साथ मिलकर की थी अंकुश की हत्या

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 06:42 PM IST
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दोस्त ने की थी अंकुश की हत्या
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सेमरी तिराहे से स्वॉट और इटवा पुलिस ने पकड़ा
28 सितंबर को परासी नाले के पास मिली थी लाश
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थगर/इटवा। अंकुश की हत्या उसके साथ रहने वाले गांव के ही एक युवक ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर की थी। सनसनी फैला देने वाले हत्याकांड का इटवा पुलिस ने बृहस्पतिवार को पर्दाफाश कर दिया। स्वॉट और इटवा पुलिस की टीम ने क्षेत्र के सेमरी गांव के पास से दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसओ इटवा वेदप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि 28 सितंबर को मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के मिठौवा गांव के पास से गुजरने वाले परासी नाले के पास एक किशोर की लाश मिली थी। शव की शिनाख्त इटवा थानाक्षेत्र के जोलहाभारी गांव निवासी अंकुश यादव (17) के रूप में की गई थी। हत्या के मामले में केस दर्ज करके जांच की जा रही थी। इसी बीच जानकारी मिली की हत्याकांड में शामिल दो आरोपी क्षेत्र के सेमरी गांव के पास मौजूद हैं। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम शनि निवासी जोलहाभारी और रंजीत कुसुम्ही थाना मिश्रौलिया बताया। पूछताछ में शनि ने बताया कि वह रिश्तेदार रंजीत के साथ अंकुश को घुमाने के बहाने ले गया था। इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी थी। पूछताछ करने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पकड़ने वाली टीम में एसओ इटवा वेदप्रकाश श्रीवास्तव, एसआई कृपाशंकर मौर्य, स्वॉट प्रभारी पंकज पांडेय सिपाही पवन तिवारी, अवनीश सिंह, वीरेंद्र त्रिपाठी, मृत्युंजय कुशवाहा, अखिलेश यादव आदि शामिल रहे।

साथ में लेकर गया था जूते का फीता
पूछताछ में यह भी बात सामने आई कि है कि जिसे जूते की डोरी से अंकुश का गला कसा गया था, वह हत्यारों के जूते का नहीं था। हत्या के नीयत से जाने से पहले ही डोरी को साथ रख लिया, जिससे वह गला घोंटकर हत्या कर सकें। यह भी स्वीकार किया है कि पहले पीछे से हमला किया और जब गिर गया तो गला कसकर मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के मुताबिक अंकुश के हत्या के पीछे आशनाई की बात सामने आई है। किसी महिला से बात करने को लेकर आरोपियों से टकराव हुआ था।
मोबाइल काल से पकड़ में आया कातिल
मोबाइल पर हुई कॉल से शनि के हत्या में शामिल होने का पुलिस का संदेह हो गया था। साइबर सेल के एक्सपर्ट ने मोबाइल कॉल डिटेल, हत्या के वक्त लोकेशन आदि परिस्थितिजन्य सुबूत जोड़े तो हत्यारे तक पहुंचने में आसानी हुई। इसके बाद ही पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने हत्या में दो शामिल होने की बात स्वीकार की है।

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