जिले में फिर पीडब्ल्यूडी के टेंडर का बहिष्कार

Siddhartha nagar Updated Wed, 27 Nov 2013 05:41 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
सिद्धार्थनगर। लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों में ठन गई है। एक के बाद एक निविदाओं का बहिष्कार का सिलिसिला मंगलवार को भी जारी रहा। विभाग के तीनों खंडों में 26 को होने वाली निविदा की बिक्री से ठेकेदार कन्नी काट गए। उन्होंने इसका कारण विभाग की ओर से कच्चा माल का दाम उसकी वास्तविक कीमत के सापेक्ष काफी कम होना बताया है। दूसरी ओर विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बहिष्कार को सकारात्मक कदम नहीं ठहराया है।
विज्ञापन

ठेकेदार ओमप्रकाश चौबे का कहना है कि विभाग के अधिकारी हठधर्मी रवैया अपना रहे हैं। पिछली कई निविदाओं का हमारी ओर से बहिष्कार किया जा चुका है। बावजूद इसके हमारी समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। अधीक्षण अभियंता ने हमारे दर्द पर मरहम लगाने की कोशिश तो की, मगर लगता है उन्हें उनके मातहतों ने गुमराह किया है। विभाग की ओर से जारी नए रेट महज खानापूरी जैसे हैं। इस रेट की तुलना अगर शंकरगढ़ खदान के दाम से करें तो भी इसमें सैकड़ों रुपये का अंतर है। रामबिहारी गुप्ता का कहना है कि इतने कम दाम में काम कराना ठेकेदारों के लिए संभव नहीं है। इस तरह तो ठेकेदार भुखमरी झेलने पर मजबूर हो जाएंगे। सूर्य प्रकाश चतुर्वेदी ने कहा कि किराये और क्वेरी रेट की पुन: समीक्षा की जानी चाहिए। यह रेट बिल्कुल अव्यवहारिक है। त्रिवेनी शंकर पांडेय ने कहा कि समझ में नहीं आ रहा कि आखिर नए रेट किस आधार पर जारी हुए हैं। लगता है जैसे बैठे-बैठाए नए रेट का निर्धारण हुआ है। शंकरगढ़ खदान के दाम और विभागीय क्वेरी रेट में इतना अंतर समझ के परे है। संतोष पोद्दार, मनोज सिंह, विजय शंकर पांडेय, रवि तिवारी आदि ठेकेदारों ने कहा कि जब तक विभाग रेट नहीं बढ़ाता जिले का कोई भी ठेकेदार निविदाएं नहीं खरीदेगा।
प्रभावित होगा जिले का विकास
विभाग की ओर से सड़क निर्माण के लिए जारी हुई इस निविदा से ठेकेदारों के कन्नी काटने से काम लटकना स्वाभाविक है। अगर विभाग और ठेकेदारों की तनातनी कुछ दिन ऐसे ही बनी रही तो जिले के विकास को करारा झटका लगेगा। बता दें, जिले में अब तक चार बार ठेकेदारों की ओर से विभाग की निविदाओं का बहिष्कार हो चुका है। इस तनातनी में तीन महीने से विभाग की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं।
बहिष्कार नहीं रेट बढ़ाकर डालें निविदा
अधीक्षण अभियंता कृपाशंकर दूबे ने कहा कि सिद्धार्थनगर में रेट को लेकर ठेकेदारों की नाराजगी की जानकारी है। चार्ज संभालते ही इसे लेकर प्रयास शुरू कर दिए। 11 नवंबर को विभागीय क्वेरी रेट में बढ़ोत्तरी की। किराया और लेबर रेट में भी बढ़ोत्तरी की। इसके बाद भी अगर दिक्कत आ रही है तो ठेकेदारों को दाम बढ़ाकर निविदा डालनी चाहिए। बहिष्कार समाधान का विकल्प नहीं है। बढ़े रेट में अगर टेंडर मिलें तो उस आधार पर उच्चाधिकारियों से ठेकेदारों का पक्ष रखते हुए रेट फिर बढ़ाने का प्रयास कर सकता हूं।
---------------------------
सामान शंकरगढ़ खदान पर दाम विभागीय दर
जीएसबी 650 370
जी-2 700 406
जी-3 750 506
------------------------------------------------------
नोट- मूल्य रुपये प्रति क्यूबिक मीटर की दर से दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us