प्रशासन की कोशिशें तमाम मगर नहीं आईं काम

Siddhartha nagar Updated Wed, 27 Nov 2013 05:41 AM IST
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सिद्धार्थनगर। औद्योगिक तौर पर पिछड़े इस जिले में उद्यमों को बढ़ावा देने की कसरत हर माह होती है। बावजूद इसके तस्वीर बदलती नहीं दिख रही। उद्योग बंधु की बैठक के जरिये उद्यमियों की समस्याएं सुलझाने और नए उद्योग सृजित करने की कवायद बस खानापूरी में सिमटती नजर आ रही है। मंगलवार को फिर एक बार यह बैठक हुई। हद तो यह रही कि कहीं उद्यमी इसके आयोजन से अंजान दिखे तो कहीं जानकर भी किनारा करना मुनासिब समझा।
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प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध भारत-नेपाल सीमा पर बसे इस जिले में उद्योगों के विकास की असीम संभावनाएं हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने की मंशा से जिला उद्योग केंद्र का सृजन हुआ है। इसके आलोक में प्रशासन के सभी विभागों के अधिकारियों के साथ उद्यमियों की बैठक डीएम की अध्यक्षता में हर माह होती है। इसका उद्देश्य है उनकी समस्याओं की जानकारी जुटाना और उनका निस्तारण करके उद्यमों के विकास लायक माहौल तैयार करना। पर अफसोस यह हो नहीं पा रहा है। पिछली बैठकों में उठी मांगे और समस्याएं सुलझती न देखकर उद्यमी भी इससे हल्के मन से लेने लगे हैं। अधिकारियों में भी इसे लेकर औपचारिकता निभाने का चलन दिखता है।
याद आई तो पूछी प्रगति
बिजली विभाग के एक अधिकारी जरूरी काम निपटाने में जुटे थे। इसी बीच मातहत ने उद्योग बंधु की बैठक का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने आननफानन पिछली बैठक में उठी मांगों की जानकारी मांगी। आज बैठक थी और अब तक पिछली बैठक में उठी मांगों को वह भूले हुए थे। ऐसे में बैठक में उद्यमियों की ओर से उठाई गई मांगों और समस्याओं को लेकर विभागों के रवैये का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
चार बैठकों से नहीं हुए शामिल
जिले के प्रमुख उद्यमी अनूप छापड़िया पिछली चार बैठकों में शामिल नहीं हो सके हैं। उद्योग बंधु की बैठक को उद्यमों के विकास के लिए अच्छा मंच बताते हैं, मगर कसक है कि इसमें रखी गई कई बातें नहीं सुलझ सकीं। बिजली की समस्या से जिले के व्यवसाई छुब्ध हैं। हर बार आश्वासन मिलता है, मगर सार्थक परिणाम नहीं आ पाता। उन्होंने कहा कि अगर इस बैठक में बड़े व्यापारियों को भी बुलाया जाता तो जिले में नए उद्यमों के विकास के लिए नई संभावनाएं बनतीं।
सूचना ही नहीं मिल सकी
पिछले महीनों में उद्योग बंधु की बैठक में सक्रियता से सहभाग करने वाले उद्यमी अब्दुल रब मंगलवार को कानपुर थे। उन्होंने बताया कि अगर उद्योग बंधु के बैठक की जानकारी होती तो इसमें शामिल होने जरूर पहुंचते। उन्होंने भी बिजली की समस्या नहीं सुलझने को लेकर सवाल उठाया। बोले- इससे पहले कई बैठकों में इस बारे में कहा जा चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी उद्यमियों को सरकार की ओर से चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में कुछ नहीं बताते हैं।
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डीएम के आगे रखेंगे बात
उद्योग बंधु की बैठक में जिले के प्रमुख व्यापारियों को बुलाने से नए उद्यम के सृजन की संभावनाओं को लेकर जब जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रंजन चतुर्वेदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सुझाव अच्छा है। इस संबंध में डीएम से अनुरोध करेंगे, जिससे उद्योग बंधु और व्यापार बंधु की बैठक एक साथ हो सके। कुछ उद्यमियों तक बैठक की सूचना नहीं होने को लेकर उन्होंने हड़ताल को कारण बताया। बोले- एक दिन पहले ही बैठक तय हुई इससे लोगों को सूचना नहीं दी जा सकी।
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लंबित मामले निपटाने के दिए निर्देश
उद्योग बंधु की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी डीएम अखिलेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत बैंकों में लंबित पड़े आवेदन निपटाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता पीएन प्रसाद को कनेक्शन के लिए लंबित आवेदनों को निपटाने के लिए कसा। बैठक में सात उद्यमी मौजूद रहे।
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