बकायेदार चीनी मिलों पर अब कार्रवाई का इंतजार

Siddhartha nagar Updated Thu, 21 Nov 2013 05:40 AM IST
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सिद्धार्थनगर। न्यायालय के आदेश के बावजूद जिले के दो हजार से अधिक किसानों का बकाया चीनी मिलें भुगतान नहीं कर रही। बस्ती और बलरामपुर स्थित चीनी मिलों पर अपना गन्ना बिक्री करने के बाद किसान अपनी उपज की कीमत पाने को लेकर आज भी भटकते नजर आ रहे हैं। बकाया लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान न होने के कारण परेशान किसान अब गन्ने की खेती से भी कतराने लगे हैं। इधर डीएम ने गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाली उक्त चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित जिले को पत्र भेज दिया है।
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चीनी मिलों और प्रदेश शासन को किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज समेत करने के उच्च न्यायालय के आदेश से किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई थी, जबकि चीनी मिलों का रवैया देखकर किसानों में मायूसी नजर आ रही है। जिले में गन्ना की खेती करने वाले लगभग तीन हजार किसानों में लगभग 22 सौ किसानों ने पेराई सत्र 2012-13 में जनपद बस्ती के रूद्धौली स्थित बजाज चीनी मिल व बलरामपुर के तुलसीपुर चीनी मिल पर कुल चार लाख, 24 हजार कुंतल गन्ना सप्लाई की थी। जिसकी कुल कीमत 11 करोड़ 57 लाख रुपए से अधिक हुई। इसके सापेक्ष किसानों को चीनी मिलों के तरफ से मात्र 10 करोड़ एक लाख 15 हजार रुपये ही भुगतान किया गया। चीनी मिलों पर किसानों का अभी भी एक करोड़ 56 हजार रुपए बकाया है। गन्ना की खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने को स्थापित समितियों के कमीशन का भुगतान न होने से समितियों के विकास कार्य भी ठप पड़े हुए है। जानकारों का कहना है कि बकाया भुगतान न होने के कारण किसान गन्ने की खेती करने को हतोत्साहित है। कारण गन्ना भड़रिया क्षेत्र के गन्ना किसान रमापति कहते है कि हम लोग अपने गन्ना मूल्य के भुगतान की उम्मीद खो चुके थे, ऐसे में न्यायालय के आदेश से काफी आस जगी है, लेकिन चीनी मिलों के रवैये को देखते हुए लगता है कि मूल धन ही मिल जाए वही काफी है, ब्याज को छोड़िए।
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वर्जन
न्यायालय के आदेश के क्रम में किसानों को गन्ना मूल्य ब्याज समेत भुगतान कराने को लेकर लगातार प्रयास हो रहा है। जिले के किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाले चीनी मिलों पर कार्रवाई करने के लिए संबंधित जिले के डीएम के पास रिपोर्ट भेज दी गई है।
एसपी मिश्र, डीएम
इंसर्ट-
नेपाल के चीनी मिल पर एक करोड़ अधिक बकाया
बढ़नी क्षेत्र के कई किसान अपना गन्ना नेपाल स्थित चीनी मिल को बिक्री किए हुए है। लगभग पांच सौ से अधिक किसान नेपाल के चीनी मिल पर गन्ना बिक्री करने के बाद भुगतान की आस लगाए हुए है, लेकिन उनका लगभग एक करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो रहा। इनमें कुछ किसानों का तो पिछले कई वर्षों से बकाये का भुगतान नहीं हो सका है। जबकि जिला गन्ना अधिकारी आनंद कुमार शुक्ल कहते है नेपाल की मिल मेरे कार्यक्षेत्र में नहीं है।
इंसर्ट-
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
सिद्धार्थनगर। भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने किसानों के गन्ने का पिछले वर्ष का बकाया भुगतान दिए जाने, गन्ना मिल चालू कराए जाने तथा गन्ने का निर्धारित मूल्य पांच सौ प्रति कुंतल किए जाने का पत्र मुख्यमंत्री को लिखा है और दो दिसंबर तक मांगों का निस्तारण न होने पर भाकियू कार्यकर्ता गन्ना आयुक्त लखनऊ का घेराव एवं प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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