कार्रवाई की अंगड़ाई के बाद उम्मीदों की करवट

Siddhartha nagar Updated Wed, 23 Oct 2013 05:38 AM IST
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सिद्धार्थनगर। नकली बीज मामले में मंगलवार को मुख्यालय समेत जिले के बाहर भी गहमागहमी रही। कृषि भवन में एक बीज विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस सस्पेंड किया गया तो दूसरी ओर बीज कंपनी के अधिकारियों ने बैठक कर मामले में उचित कार्रवाई पर चर्चा की। कंपनी की ओर से इस मामले में पीड़ित किसानों को राहत देने की तैयारी है। अब तूल पकड़ चुके इस मामले में कार्रवाई की अंगड़ाई के बाद किसानों के लिए उम्मीद की किरणें करवटें लेती दिखीं।
नकली बीज मामले में एक दुकान का लाइसेंस सस्पेंड
सिद्धार्थनगर। नकली बीज मामले में पहली कार्रवाई हुई है। उसका क्षेत्र के किसान से मिली शिकायत पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक बीज विक्रेता का लाइसेंस सस्पेंड किया है। विभाग ने बीज विक्रेता का जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्यों न उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाए। विभागीय सूत्रों की माने तो उक्त बीज विक्रेता की अनियमितता देखते हुए विभाग ने तीन दिन बाद उसका लाइसेंस निरस्त करने का मन बना लिया है।
विभाग को जिले में नकली बीज से किसानों के लुटने की जानकारी हो गई थी। कुछ किसान धान के पौधे हाथ में लेकर कृषि भवन पहुंचे थे। किसानों ने शिकायत की थी कि उनकी फसल में बालियां नहीं पड़ रहीं। अपर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मामला गंभीर था, लेकिन इन किसानों के पास बीज खरीद की रसीद नहीं थी। इसके बाद एक अन्य मामला विभाग तक पहुंचा। इसमें उसका क्षेत्र के ऊंटापार निवासी किसान ज्वाला सिंह ने एक कंपनी का बीज बोने के बाद फसल में बालियां नहीं पड़ने की शिकायत विभाग के कई आलाधिकारियों समेत डीएम को भेजी थी। इस मामले में कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर की ओर से आई चिट्ठी पर विभाग सक्रिय हुआ। अपर जिला कृषि अधिकारी ने नौ अक्टूबर को उसके खेत का स्थलीय निरीक्षण किया तो उन्हें उक्त कंपनी के बीज में मिलावट का अंदेशा हुआ। इसके बाद बीज किसान से रसीद मांगी तो पता चला कि विक्रेता ने रसीद दिया ही नहीं। अपर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस पर बीज विक्रेता से पूछताछ की तो पहले तो वह बीज बेंचने से मुकरने लगा। इस पर उसका रजिस्टर और कैशमेमो देखा। इसमें खरीफ के सीजन में बिके बीज का ब्यौरा नहीं था। इस पर रजिस्टर को कब्जे में लेकर बीज विक्रेता पर कार्रवाई के लिए पत्र बनाकर अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी। इसमें संबंधित कंपनी से भी स्पष्टीकरण लेना जरूरी बताया।
अमर उजाला ने जब इस मामले को प्रमुखता से उठाया और सोमवार को इसे लेकर आंदोलन के अंकुर फूटे तो विभाग सक्रिय हो उठा। मंगलवार को कार्रवाई करते हुए बीज विक्रेता का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। तीन दिन तक उसे पक्ष रखने का मौका दिया गया है। विभागीय सूत्रों की माने तो उसकी ओर से हुई अनियमितता को देखते हुए उसका लाइसेंस निरस्त होना तय है।
वर्जन--
उसकी की एक दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई हुई है। नकली बीज के मामले में विभाग पूरी तरह से गंभीर है। आगे इस तरह की स्थिति को रोका जा सके, इसके लिए बीज विक्रेताओं के रजिस्टर की चेकिंग और बिना लाइसेंस के चलने वाली दुकानों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
एसएन चौधरी, जिला कृषि अधिकारी


नकली बीज से बर्बाद आठ सौ किसान चिह्नित
सिद्धार्थनगर। खराब धान बीज से बर्बाद किसानों के पक्ष में शुरू हुए आंदोलन ने कृषि विभाग समेत बीज विक्रेता कंपनी को गंभीर कर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारी मामले में कंपनी का रवैया जानने के लिए लगातार संपर्क में हैं। कंपनी की ओर से किसानों को पूरी राहत उपलब्ध कराने और उनके साथ खड़े रहने के आश्वासन के बाद विभाग की ओर से दो दिन का समय दिया गया है।
कृषि विभाग की ओर से इस मामले में बीज कंपनी को जिले में उनके बीज से कुछ क्षेत्रों में बुरी तरह उत्पादन प्रभावित होने की जानकारी देते हुए इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाया गया है। इसके जवाब में कंपनी के एक अधिकारी जिले में पहुंचकर अपनी गलती मान चुके हैं। उन्होंने तब कंपनी की ओर से किसानों के साथ खड़ा होने का आश्वासन देते हुए जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। तब कंपनी की ओर से अधिकारी ने कहा था कि जल्द ही सर्वे कराकर प्रभावित किसानों का पता लगाया जाएगा। उनको क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारी यह तो बता रहे हैं कि उक्त कंपनी ने खराब बीज से प्रभावित किसानों को तलाशने के लिए सर्वे कराया है, मगर कब और कहां सर्वे हुआ और कितने किसान प्रभावित मिले इस बारे में विभाग कुछ नहीं बता पा रहा है। सूत्रों से जानकारी मिली कि मंगलवार को इस मामले में कंपनी के अधिकारियों की बैठक हुई है। सूचना पर जब कंपनी के मैनेजर बीएन मिश्र से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने किसानों को क्षतिपूर्ति देने पर सहमति जताई है। दो दिन बाद फिर बैठक है। इसमें तय होगा कि यह क्षतिपूर्ति कितनी होगी। प्रभावित किसानों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि अब तक कंपनी को अपनी जांच में आठ सौ किसान प्रभावित मिले हैं। एक लाट में गड़बड़ी से ऐसा हुआ है। इस बारे में भी पता किया जा रहा है कि चूक कहां से हुई।

अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील हुआ भाकियू का विरोध
सिद्धार्थनगर। नकली बीज मामले को लेकर कार्रवाई की मांग कर रही भाकियू ने मंगलवार से कृषि भवन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इसके बाद भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय को डिप्टी डायरेक्टर कृषि ने बातचीत के लिए बुलाया, मगर अंत में बातचीत बेनतीजा रही।
जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर कृषि ने बातचीत के लिए बुलाया था। उन्होंने धरना खत्म करने को कहा, मगर यूनियन की ओर से नकली धान बीज के मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। कृषि विभाग से मांग के अनुरूप सहमति नहीं बन सकी। जब तक इस मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर नहीं हो जाती और किसानों को मुआवजा नहीं मिल जाता, धरना जारी रहेगा। कृषि भवन पर धरने पर बैठे लोगों में महेंद्र कुमार चौधरी, पटेश्वरी चौधरी, शंभू प्रसाद साहनी, रामायण त्रिपाठी, अर्जुन प्रसाद लोधी, विद्याधर पांडेय, सत्य प्रकाश चौधरी, पवन कुमार श्रीवास्तव, राजेंद्र प्रसाद चौधरी, पुद्दन, सूर्य नारायण, कैलाशी आदि लोग रहे।

पंचायत कल
भाकियू भानू गुट नकली बीज मामले को लेकर 24 अक्टूबर को मुख्यालय पर पंचायत लगाएगा। यह जानकारी जिलाध्यक्ष इश्तियाक और संगठन मंत्री इंद्रजीत दूबे ने संयुक्त रूप से दी।
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