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प्रधान का पिछड़ा जाति प्रमाण निरस्त

Siddhartha nagar Updated Wed, 13 Feb 2013 05:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। पिछले पंचायत चुनाव में विकास खंड नौगढ़ की ग्राम पंचायत शिवपति नगर की पिछड़ी महिला के आरक्षित प्रधान पद पर निर्वाचित हुई ग्राम प्रधान आशमा खातून का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। जनपदस्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन की तीन सदस्यीय समिति ने आशमा खातून के पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने का फैसला किया है। इसके बाद उनके प्रधान पद का जाना तय माना जा रहा है।
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पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित ग्राम पंचायत शिवपतिनगर के प्रधान पद पर निर्वाचित घोषित हुई आशमा खातून ने खुद को मोमिन अंसार बताते हुए पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र तत्कालीन तहसीलदार से हासिल किया था। इसके बाद ग्राम शिवपति नगर के टोला नरखोरिया निवासी अब्बास कुरैशी ने उन्हें पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी करने को गलत बताते हुए डीएम से शिकायत की थी। इसके क्रम में जनपदस्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन की तीन सदस्यीय समिति ने एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर उक्त जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया। इसके बाद आशमा खातून ने मंडलस्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन की समिति को आवेदन किया था। इस समिति ने जनपदस्तरीय समिति के फैसले को निरस्त करते हुए एक बार फिर से इस मामले की जांच कर यथोचित निर्णय लेने का आदेश दिया था। इसके क्रम में राजस्व अभिलेखों और राजस्वकर्मियों की जांच रिपोर्ट के बाद पाया गया कि आशमा खातून के मायका पक्ष के लोग मुस्लिम पठान जाति से हैं, जो सामान्य मुस्लिम की श्रेणी में आते हैं। महिला की जाति का निर्धारण उसके पति की जाति के आधार पर नहीं किया जा सकता। ऐसे में उनको जारी किया गया पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र निरस्त करने योग्य है। जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद ग्राम प्रधान पद जाना अब तय माना जा रहा है। इस संबंध में डीपीआरओ का कहना है कि त्रिस्तरीय समिति के फैसले की प्रतिलिपि मिली है। जल्द ही इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रधान और उनके पति का जाति प्रमाण पत्र निरस्त
इटवा। विकास खुनियांव के ग्राम पंचायत पश्चिम बरगदवा की ग्राम प्रधान नफीसा खातून और उनके पति अब्दुल मतीन को जारी किया गया पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। यह जानकारी तहसीलदार इटवा ने दी। उन्होंने बताया कि मिली शिकायतों के जांच के क्रम में जनपदस्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन की चार सदस्यीय समिति ने प्रस्तुत किए अभिलेखीय साक्ष्य और राजस्वकर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सामान्य जाति का मुस्लिम होना पाया है। इसके बाद उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का निर्णय किया गया। इस तरह पिछड़ी जाति के महिला के आरक्षित प्रधान पद पर निर्वाचित हुई नफीसा खातून की कुर्सी जानी तय मानी जा रही है।

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