शुद्ध पानी को तरस रहे हैं बुद्धनगर के लोग

Siddhartha nagar Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका सिद्धार्थनगर वार्ड नंबर 15 के लोग शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं। इस वार्ड में एक भी इंडिया मार्क टू हैंडपंप न लगे होने से लोगों को शुद्ध पानी के लिए दर दर भटकना पड़ता है। वाटर सप्लाई व्यवस्था कुछ जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन सार्वजनिक कनेक्शन न दिए जाने के कारण दिक्कत जस की तस है। वार्ड की मुख्य सड़क काफी जर्जर हो चुकी है जिससे आने जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। नालियां टूटकर जमींदोज हो गई हैं जिससे गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुहल्ले की सड़कों पर फैला रहता है बिजली व्यवस्था आधी आबादी के लिए सपना बन कर रह गई है तीन साल पहले गिरे खंभों को निकलवाने की जरूरत आजतक किसी ने नहीं समझी।
बुद्ध नगर मोहल्ले की आबादी 2200 से अधिक है बावजूद इसके यहां शुद्ध पेय जल की व्यवस्था काफी खराब है लोगों को पानी लेने के लिए रेलवे स्टेशन का सहारा लेना पड़ता है। यहां इंडिया मार्क टू हैँडपंप नहीं लगाए गए हैं, जिससे यहां के लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। वार्ड में सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। वार्ड की प्रमुख नालियों को छोड़कर अंदर की नालियों की सफाई नहीं होती जिससे लोगों को दुर्गंध भरे वातावरण में जीवन गुजारना पड़ता है। मुहल्ले के लोगों का कहना है सफाई कर्मचारी बराबर नहीं आते इसलिए सफाई व्यवस्था खराब है। सड़कें जर्जर हो चुकी हैं जिसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ता है। मुहल्ले के मुख्य मार्ग पर नालियों के रूप में इतने ब्रेकर बनाए गए हैं कि वाहनों के आने जाने में असुविधा होती है।
आधी आबादी जूझ रही बिजली समस्या से
मुहल्ले की सबसे बड़ी समस्या बिजली की है। आधी आबादी बिजली से वंचित है। तीन वर्ष पूर्व मुहल्ले के ध्वस्त हुए पोलों की मरम्मत आज तक नहीं हुई है, जिससे यहां के लोगों को बिजली पाने के लिए काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। वार्ड के पूर्वी छोर पर बसे टोले के लोग बिजली से महरूम हैं। यहां कुछ घरों में सप्लाई है तो उन्हें काफी लंबा तार और बांस बल्ली के सहारे आपूर्ति मिल रही है। वार्ड के लोगों का कहना है कि कई बार विद्युत विभाग के एक्सईएन और नगर पालिका से कई बार शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन आज तक उनकी शिकायत पर गौर नहीं किया गया।
मुहल्ला निवासी भगवती प्रसाद श्रीवास्तव का कहना है कि यहां सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। नियमित सफाई न होने से सड़कों पर गंदगी फैली रहती है। इसके अलावा नालियों की सफाई भी होती जिससे वार्ड में दुर्गंध भरा वातावरण बना रहता है।
अखिलेश श्रीवास्तव का कहना है कि वार्ड के लोग शुद्ध पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। यहां इंडिया मार्क टू हैंडपंप नहीं लगाए गए हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए दर दर भटकना पड़ता है। वाटर सप्लाई की व्यवस्था है, लेकिन सार्वजनिक कनेक्शन न दिए जाने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिलता।
शरीफ अहमद का कहना है कि वार्ड में सड़कों की स्थिति काफी खराब है। सड़कें पुरानी होकर जगह जगह टूट गई हैँं, जिससे राहगीरों को असुविधा होती है। नालियों का गंदा पानी भी सड़कों पर ही फैला रहता है, जिससे आने जाने वालों को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है।
मोहम्मद रशीद को कहना है मुहल्ले में बिजली की व्यवस्था खराब है। तार पुराने और जर्जर हो चुक हैं, जिससे आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। तीन वर्ष पूर्व मुहल्ले के पूर्वी छोर के टोले के लोगों को बिजली नहीं मिल रही है। उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस संबंध में वार्ड की सभासद नूरजहां का कहना है कि उन्होंने वार्ड की बैठक में हैंडपंपों और बिजली की समस्या को दूर कराने का प्रस्ताव दिया है। नगर पालिका अध्यक्ष मोहम्मद जमील सिद्दीकी का कहना है कि वार्ड का कायाकल्प शीघ्र होगा।

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