बहू गांव आई नहीं, बना दिया मनरेगा मजदूर

Siddhartha nagar Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
डुमरियागंज। स्थानीय ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बढ़या भोलानाथ में मनरेगा का धन हड़पने के लिए जमकर धांधली की गई है। यहां के रोजगार सेवक और कोटेदार के परिवार के लोगों के जॉबकार्ड बने हैं। गौना आने से पहले ही रोजगार सेवक की पत्नी का भी न सिर्फ जॉबकार्ड बना दिया गया, बल्कि ग्राम पंचायत से करीब पांच किलोमीटर दूर मजदूरी करना दर्शाकर उसके नाम से मजदूरी का भुगतान भी कराया गया है। रोजगार सेवक का भाई इंटरमीडिएट का रेगुलर छात्र है, वह भी मनरेगा मजदूर है। जो लोग मुंबई में रहते हैं, उन्हें भी मनरेगा मजदूर बनाया गया है।
इस का खुलासा ग्राम पंचायत निवासी समीउल्लाह ने सीडीओ और सीएम को भेजे शिकायती पत्र में किया है। उन्होंने मनरेगा की वेबसाइट से निकाले गए मनरेगा मजदूरों के जॉबकार्ड डाटा में कई कार्ड ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक के परिवार के सदस्यों के नाम होने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया है कि इन सभी कार्डों पर वित्तीय वर्ष 2011-12 में कुल 506 कार्य दिवस दिखाकर 60,720 रुपये का भुगतान लिया है। जबकि नियम यह है कि एक परिवार को मनरेगा में सिर्फ 100 दिन का रोजगार दिया जाएगा। रोजगार सेवक का गौना होने से पहले ही उसकी पत्नी के नाम बने जॉबकार्ड पर ग्राम पंचायत में 41 दिनों तक कार्य दिखाकर 41 सौ रुपये की मजदूरी का भुगतान लिया गया है। इस गांव के कोटेदार ने भी मनरेगा के धन में सेंध लगाई है। कोटेदार ने अपने जॉबकार्ड पर ग्राम पंचायत में एक नवंबर से 14 दिसंबर 2011 तक लगातार 42 दिनों तक काम किया है। इसके बदले उसने 5040 रुपये का भुगतान लिया है। कोटेदार ने अपना बीपीएल कार्ड भी बनवा रखा है। कोटेदार ने अपने साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को भी मनरेगा मजदूर बना रखा है। इन सदस्यों के नाम के जॉबकार्ड पर 276 कार्यदिवस दिखाकर 33 हजार 120 रुपये का भुगतान कराया गया है। इस बारे में सीडीओ एसएन त्रिपाठी ने कहा कि यह मामला गंभीर है। अगर शिकायत हुई है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

आज पहुंचेगी जांच टीम
डुमरियागंज। स्थानीय विकास खंड के ग्राम पंचायत बढ़या भोलानाथ में बुधवार को ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों की जांच के लिए परियोजना अधिकारी आएंगे। इसके लिए पत्र के माध्यम से बीडीओ गिरीश कुमार पाठक और ग्राम पंचायत अधिकारी को सभी अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

कोटेदार बना मनरेगा मजदूर
सिद्धार्थनगर। उसका बाजार के ग्राम सभा पोखरभिटवा में कोटेदार का मनरेगा योजना के तहत न केवल जॉबकार्ड बन गया, बल्कि 28 दिन कार्य दिखाकर 3360 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। उसके बेटे का भी कार्ड बना है और मजदूरी का भुगतान किया गया है। ग्राम सभा पोखर भिटवा निवासी अरशद अली, नुस्ल हसन पुत्र मो. यूनुस, जितेंद्र, नसीमुल हक, मुमताज अली, शब्बू, सैय्यद दिलशाद अली आदि ने डीएम से लेकर जिलापूर्ति अधिकारी और एसडीएम से शिकायत की है। सैय्यद नजर शाद अली ने जिलापूर्ति अधिकारी से सात बिंदुओं को लेकर कोटेदार की ओर से की गई उठान और वितरण की जानकारी जनसूचना अधिकार के तहत मांगी है। इस संबंध में ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष श्याम नारायण मौर्या का कहना है कि जॉब कार्ड तो कोई भी बनवा सकता है। काम केवल गरीब पात्रों को ही मिलना है। कोटेदार गरीब की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी। अगर कोटेदार दोषी है तो कार्रवाई की जाएगी।

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