जाली नोट कांड के आरोपी का नाम सूची में कैसे?

Siddhartha nagar Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
सिद्धार्थनगर। इस समय जिले में यदि कोई मामला चर्चित है तो वह शासन से जिला प्रशासन को भेजी गई ऐसे मुकदमों की सूची है, जिसके बाद इसे वापस लिए जाने के लिए विधि परामर्श के बाद सरकार को निर्णय करना है। यहां तक तो मामला ठीक था। क्योंकि सपा ने प्रदेश की सभी जिला इकाइयों से ऐसे मुकदमों तथा नाम की सूची मांगी थी, जो गलत तरीके से दुर्भावना से प्रेरित होकर दर्ज किए गए थे। अन्य जिलों की तरह यहां से भी जिलाध्यक्ष ने 32 की सूची सौंपी, लेकिन इसमें से 31 नाम कहां गायब हो गए? अमर उजाला ने 20 अक्टूबर के अंक में इस सूची को न केवल प्रकाशित किया बल्कि इसमें एक ऐसे नाम को भी उजागर किया जो डुमरियागंज जाली नोट कांड का मास्टर माइंड था। अब सवाल यह उठता है कि यदि जिलाध्यक्ष अजय चौधरी 32 नाम सपा मुख्यालय को भेजे तो जो 19 नाम शासन से यहां आया उसमें परिवर्तन कैसे हुआ। जिला स्तर पर अब मुंह खोलने से जिम्मेदार बच रहे हैं। अब यह पार्टी स्तर पर तो जांच का विषय है ही सरकार को भी इस दिशा में सोच समझकर कदम उठाना होगा।
बसपा शासन में दर्ज हुए फर्जी मुकदमों की वापसी प्रक्रिया के तहत सपा के जिलाध्यक्ष के तरफ से भेजी गई सूची पर ही प्रदेश शासन को कार्यवाही करनी थी। विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन न्याय अनुभाग फौजदारी के तरफ से मुकदमों की वर्तमान स्थिति की जानकारी के बाबत भेजी गई 19 लोगों की सूची में यहां के जिलाध्यक्ष की 32 लोगों की सूची से मात्र इटवा थानाक्षेत्र से सपा कार्यकर्ता इसहाक का ही एक नाम शामिल है। शेष 18 लोगों का नाम किसने भेजा और कैसे इनके मुकदमों की वापसी प्रक्रिया शुरू हो गई, यह बड़ा सवाल है। इन 18 लोगों की सूची में कुछ तो समाजवादी पार्टी के खांटी कार्यकर्ता है। जबकि इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पार्टी के कार्यकर्ता तो नहीं है लेकिन मौके का बेहतर उपयोग करना जानते हैं। इनमें दूसरी पार्टियों के लोगों के अलावा गंभीर आपराधिक मुकदमों के आरोपी भी शामिल हैं। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम जाली नोट कांड में मुख्य आरोपी एसबीआई डुमरियागंज शाखा के कैशियर रहे सुधाकर त्रिपाठी ऊर्फ बाबा का है।
सूची ने सपा कार्यकर्ताओं को भी चौंकाया
बता दें कि बसपा शासन में अपने कई कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुए फर्जी मुकदमों के बाबत प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई समाजवादी पार्टी ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया था कि वह अपने जिलों से मई 2007 से जनवरी 2012 के बीच में कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुए फर्जी मुकदमों की सूची प्रदेश अध्यक्ष को भेज दें। जिसे प्रदेश शासन को उपलब्ध कराकर फर्जी तरीके से दर्ज हुए मुकदमों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। इसी के तहत सपा के जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने जिले में इस दौरान कार्यकर्ताओं पर फर्जी तरीके से दर्ज हुए मुकदमों के बावत 32 लोगों का नाम प्रदेश अध्यक्ष को उपलब्ध कराया था। जिसमें खुद सपा जिलाध्यक्ष का नाम भी शामिल था। जबकि इनमें चार से पांच लोगों पर दर्ज हुए फर्जी मुकदमों को न्यायालय ने ही खारिज कर दिया है।
ये नाम किसने भेजे, पता नहीं: जिलाध्यक्ष
सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय चौधरी का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर फर्जी मुकदमों में फंसे 32 सपा कार्यकर्ताओं की सूची उपलब्ध कराई गई थी। इसमें इटवा से इसहाक का ही नाम शामिल है। शासन से भेजी गई 19 लोगों की सूची में सिर्फ एक को छोड़ शेष 18 लोगों का नाम मेरी सूची में शामिल नहीं था। इन लोगों का नाम कैसे शामिल हुआ और किसने भेजा मुझे नहीं पता।

Spotlight

Most Read

National

पुरुष के वेश में करती थी लूटपाट, गिरफ्तारी के बाद सुलझे नौ मामले

महिला लड़कों के ड्रेस में लूटपाट को अंजाम देती थी। अपने चेहरे को ढंकने के लिए वह मुंह पर कपड़ा बांधती थी और फिर गॉगल्स लगा लेती थी।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: नए साल पर सीएम योगी ने इन्हें दिया 66 करोड़ का तोहफा!

सिद्धार्थनगर के 29वें स्थापना दिवस के मौके पर चल रहे सात दिवसीय कपिलवस्तु महोत्सव का रविवार को समापन किया गया। समापन कार्यक्रम में खुद सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 66 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

1 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper