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जिला मुख्यालय की मुख्य सड़कें हो चुकी हैं बदहाल

Siddhartha nagar Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय बनने के 22 वर्ष बाद भी मुख्यालय की सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। मरम्मत के नाम इन सड़कों की पैचिंग कराकर विभाग कोरम पूरा कर लेता है, लेकिन लोगों की समस्याएं बनी रहती हैं। पैचिंग कार्य में मानक दरकिनार करने से कुछ महीने फिर सड़कें उखड़ने लगती हैं। जिला मुख्यालय की तीन सड़कें इस समय मरम्मत के अभाव में गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे इन मार्गों पर आवागमन कठिन हो गया है।
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मार्ग एक- खजुरिया रोड
मुख्यालय के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग खजुरिया रोड की स्थिति बदहाल है। इस मार्ग से लोग बहुत कम दूरी तय करके उसका रोड से सीधे विकास भवन और बांसी तिराहे पर पहुंच सकते हैं। लोगों के लिए यह मार्ग बाईपास रोड की तरह काम करता है। यह मार्ग जर्जर हो चुका है। सपा कार्यालय के समक्ष लगभग 200 मीटर सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है, जिससे आने जाने वाले लोगों को बहुत परेशानी होती है। यह मार्ग अतिक्रमण की चपेट में है। इसकी चौड़ाई दिन प्रतिदिन घटती जा रही है। मौजूदा समय इस सड़क से चार पहिया वाहनों को निकलने में घंटो का समय लग जाता है। लोगों की मानें तो इस सड़क की मरम्मत हर साल होती है, लेकिन मरम्मत कार्य मानक के अनुरूप नहीं होते हैं, जिससे समस्याएं यथावत बनी रहती हैं। इस मार्ग से अतिक्रमण हटाने का कोई प्रयास नहीं हो रहा है।

मार्ग दो- स्टेशन रोड
मुख्यालय का दूसरा महत्वपूर्ण मार्ग स्टेशन रोड है। इस मार्ग पर रेलवे स्टेशन के अलावा, रोडवेज बस स्टैंड और बुद्ध डिग्री कॉलेज और सोहांस जाने के लिए रास्ता है। पर यह मार्ग पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में है। सब्जी मंडी में आने जाने वाली गाड़ियों से इस मार्ग पर सदैव जाम लग जाता है। बस स्टेशन के पास जाम की स्थिति काफी विकट हो जाती है, क्योंकि रोडवेज के निकट सड़क काफी संकरी हो चुकी है। रेलवे स्टेशन के आगे की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है, जिससे आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। बरसात के समय में इस सड़क पर घुटने तक पानी भरा रहता है, लेकिन आज तक इस सड़क की ऊंचाई बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। इस मार्ग पर सदैव लोगों का आवागमन बना रहता है बावजूद इसके आजतक इस सड़क पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सड़क तीन- बौद्ध परिपथ
जिले की शान समझा जाने वाला बौद्ध परिपथ भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस सड़क पर जगह-जगह नई पैचिंग की गई है, लेकिन इसकी गिट्टियां उखड़ने लगी हैं, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है। इस मार्ग पर बाईपास तिराहे के आगे की सड़क बरसात में गड्ढे में तब्दील हो गई थी, जिसपर विभागीय लोगों ने ईंट डालकर कुछ समय तक काम चलाया। अब लगभग 200 मीटर सड़क की पैचिंग की गई है, लेकिन पैचिंग फिर उखड़ने लगी है, जिससे आने जाने वालों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। रास्ता खराब होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
इनसेट
क्या कहते हैं लोग
सड़कों का निर्माण मानकों के विपरीत कराया जा रहा है, जिससे बनने वाली सड़कें वर्ष भर के भीतर ही गड्ढे में तब्दील हो जाती हैं। भ्रष्टाचार पूरी तरह से फैला चुका है, जिससे लोगों को आवागमन के लिए बेहतर सड़कें नहीं नसीब हो रही हैं। (वकील अहमद)
जिला मुख्यालय की सड़कें अतिक्रमण के कारण संकरी हो गई हैं, जिससे आने जाने वाले लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने के लिए कहा गया, लेकिन आजतक प्रशासनिक अमला इस मुद्दे पर उदासीन बना हुआ है। (नसीम)
विभिन्न सड़कों की पैचिंग कार्य इस समय हो रहा है, लेकिन कार्य मानक के अनुरूप न होने के कारण पैचिंग की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं इससे लोगों को परेशानी हो रही है। (अब्दुल मतीन)

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