मुखिया विहीन जिले में जो हैं वे भी गायब

Siddhartha nagar Updated Fri, 27 Jul 2012 12:00 PM IST
सिद्धार्थनगर। बार्डर का जिला है। विकास कार्य रुके हैं, फरियादी भटक रहे हैं, सुनने वाला कोई नहीं है। जिलाधिकारी के इंतजार मेें कई विभाग हैं और जिम्मेदार अफसर कुर्सियों से गायब रह रहे हैं। इसके अलावा आधा दर्जन ऐसे विभाग हैं, जहां विभागाध्यक्ष ही नहीं हैं। कुल मिलाकर भगवान भरोसे चल रहे इस जनपद के लोगों को मुसीबतों से दो चार होना पड़ रहा है। गुरुवार को अमर उजाला टीम ने जिले के कई विभागाें का जायजा लिया। इस दौरान कई विभागों में अफसर और कर्मचारियों की जगह फरियादी ही नजर आएं।
शुरूआत उद्यान विभाग से हुआ। दिन के 11.15 बजे यहां कोई जिम्मेदार नहीं मिला। एक-दो लिपिक मौजूद थे। पता चला कि अधिकारी कहीं मीटिंग में गए हैं। यहां बाहर उद्यान की योजनाएं जानने पहुंचे रामहित कहते हैं कि केला पर अनुदान की जानकारी लेने आए थे। यही हाल नलकूप विभाग का रहा। यहां अधिशासी अभियंता राम सजीवन के मीटिंग में जाने की बात सामने आई तो दफ्तर भी सूना रहा। उप कृषि निदेशक डा. राजीव कुमार के छुट्टी रहने की बात सामने आई, जबकि अपर जिला कृषि अधिकारी कहीं गए हुए थे। कृषि विभाग के सामने खजुरिया रोड निवासी परवेज मौजूद मिले। इनका कहना है कि यहां अक्सर ऐसा होता है। एसडीएम के कार्यालय में सन्नटा पसरा था। बताया गया कि अफसर मीटिंग में गए हैं। कमोवेश यही हालत विकास भवन का भी है। यहां बड़े अधिकारी नहीं थे। चूंकि नए जिलाधिकारी ने अभी कार्यभार नहीं संभाला है। सो, अन्य अधिकारी भी अपने चेंबर में नहीं बैठे। यहां प्रतिदिन सौ से अधिक लोग अपनी फरियाद लेकर आते हैं, लेकिन निराश होकर वापस चले जाते हैं। किसी का जमीनी विवाद का मामला है तो कोई रास्ते को लेकर परेशान है। सुनवाई किसी की नहीं हो रही है।
बता दें कि सुबह दस बजे से दोपहर बारह बजे तक अफसरों को अपने आफिस में बैठकर फरियादियों की समस्या सुनने का फरमान है। सीडीओ/प्रभारी जिलाधिकारी आरबी सिंह कहते हैं कि जिन विभागों में पद खाली है, वहां अन्य किसी अधिकारी को प्रभार देकर कार्य चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि कई विभागों का प्रभार तो स्वयं उनके पास है। जहां तक अफसरों के कार्यालयों में नामौजूदगी की बात है तो इसकी छानबीन कराई जाएगी।

इन विभागों को चाहिए अफसर
सिद्धार्थनगर। जिला उधार के अफसरों के भरोसे है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, विकलांग कल्याण अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, जिला बचत अधिकारी, ट्रेजरी आफिसर का पद खाली है। जबकि कई विभाग ऐसे हैं जहां के अफसर हाल में ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसमें सीएमओ और डीडीओ पांच दिन में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

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