स्कूलों में खेल गतिविधियों पर ग्रहण

Siddhartha nagar Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
सिद्धार्थनगर। जिले के अधिकतर इंटर कालेजों में खेल महज कागजों तक सीमित होकर रह गया है। छात्र-छात्राओं से निर्धारित गेम फीस तो ली जाती है, मगर खेल संसाधनों के अभाव में यहां से प्रतिभाएं उभरकर सामने नहीं आ पाती। दो वर्ष पूर्व हाईस्कूल स्तर तक एक रुपये और इंटर के लिए डेढ़ रुपये गेम फीस निर्धारित थी, जिसमें स्काउट गाइड की फीस भी सम्मिलित है। इसे बढ़ाकर सरकार ने डेढ़ और पांच रुपये कर दी। इसके बावजूद खेल को लेकर न विद्यालय प्रबंधतंत्र गंभीर हुआ और न ही प्रशासन।
यहां दर्जन भर ऐसे इंटर कालेज हैं, जहां खेल प्रांगण ही नहीं हैं। कुछ ऐसे भी इंटर कालेज हैं, जहां खेल मैदान तो काफी व्यापक है, लेकिन इसके शिक्षकों का टोटा है। अन्य विषयों के अध्यापक ही विद्यार्थियों को शारीरिक प्रशिक्षण दे रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में उभरती प्रतिभाओं को कैसे तराशा जाए, यह तो सरकार ही बता सकती है। यहां खेल गतिविधियों पर ग्रहण सा लग गया है। हाईस्कूल स्तर के खेल शिक्षक को बीपीएड और इंटर कालेज के खेल शिक्षक को डीपीएड डिग्रीधारक होना अनिवार्य है।
बता दें कि जिले में 51 इंटर कालेज हैं, लेकिन इन कालेजों में खेल का पता नहीं है। जहां तक प्रार्थना की बात है तो वह भी महज कुछ विद्यालयों तक ही सीमित हो गया है। शहर के इंटर कालेजों को छोड़ दिया जाए तो ग्रामीणांचल के कई विद्यालयों के पास अपने खेल मैदान तक नहीं है। जबकि फीस के नाम पर अच्छी खासी रकम प्रवेश के समय ही वसूल ली जाती है। सबसे गंभीर बात यह है कि जिले के 51 इंटर कालेजों में कितने खेल शिक्षक हैं, इसकी जानकारी खुद डीआईओएस कार्यालय तक को नहीं है। डीआईओएस के स्टेनो विजय कहते हैं कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने इंटर कालेजों की संख्या 51 जरूर बताई।

संसाधनों का टोटा
सिद्धार्थनगर। जवाहर लाल नेहरू स्मारक इंटर कालेज नौगढ़ के प्रधानाचार्य उदयराज पांडेय का कहना है कि खेल के प्रति मेरी व्यक्तिगत रुचि के कारण ही पचपेड़वा से विशेष खेल शिक्षक बुलाकर प्रतिभाओं को तराशने का प्रयास किया जा रहा है। सेठ रामकुमार खेतान इंटर कालेज की प्रधानाचार्य अंजू मिश्रा मानती हैं कि पांच रुपये गेम फीस से खेल सामग्रियों का क्रय करना कठिन है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह मानते हैं कि इंटर कालेजों में खेल मैदान का अभाव तो है ही, खेल सामग्री भी नहीं हैं। दस-बारह वर्षों से अब तक क्षेत्रीय रैली भी नहीं निकली। क्षेत्रीय खेल केवल कागजों तक सिमट गए हैं।

प्राथमिक और जूनियर में न मैदान, ना शिक्षक
सिद्धार्थनगर। प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में कुछ को छोड़ शेष के पास न तो खेल मैदान ही है और ना ही खेल शिक्षक की नियुक्ति ही हुई है। दो वर्ष पूर्व गेम फीस भी विद्यार्थियों से लेने पर रोक लग गई। जिला व्यायाम शिक्षक बेसिक जिशान जलील का कहना है कि उसका, बर्डपुर को छोड़ अधिकतर प्राथमिक विद्यालय मैदान विहीन हैं। दो वर्ष पूर्व तक फीस ली जाती थी, जिसे बंद कर दिया गया है। आखिर कैसे सामग्रियों का क्रय होगा। खेल मद में कोई सरकारी अनुदान भी इन विद्यालयों को नहीं प्राप्त होता है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी का कहना है कि मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति, यूनिफार्म तक ही स्कूलों में सीमित होकर रह गए हैं, खेल तो दूर की बात।

डीआईओएस ने माना खेल गतिविधियां सुस्त
सिद्धार्थनगर। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक संध्या श्रीवास्तव कहती हैं कि इंटर कालेजों में खेल गतिविधियां काफी सुस्त हैं। खेल शिक्षकों और सामग्रियों का विवरण लेकर इंटर कालेजों में खेल प्रारंभ कराए जाएंगे।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: नए साल पर सीएम योगी ने इन्हें दिया 66 करोड़ का तोहफा!

सिद्धार्थनगर के 29वें स्थापना दिवस के मौके पर चल रहे सात दिवसीय कपिलवस्तु महोत्सव का रविवार को समापन किया गया। समापन कार्यक्रम में खुद सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 66 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

1 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper