बिजली को लेकर बढ़ी परेशानी

Siddhartha nagar Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था धराशायी हो गई है। कहीं जर्जर पोल और तारों के कारण लोगों को बिजली नहीं मिल रही है तो कहीं लो बोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं। मुख्यालय के 25 वार्डों में बिजली व्यवस्था पुराने और जर्जर तारों के सहारे चल रही है, जिससे आए दिन फाल्ट और लो बोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
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नगर पालिका सिद्धार्थनगर के इंदिरानगर, बुद्ध नगर, जवाहर नगर, रमजान नगर, सुभाष नगर, शेखनगर, हमीदनगर, पूरब पड़ाव, बेलसढ आदि मोहल्लों में बिजली रहने के बाद भी लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जर्जर तार और पोल इसके लिए जिम्मेदार हैं। इन वार्डों में लगे तार काफी पुराने हैं। वे अक्सर टूट जाते हैं। मधुबेनिया प्रतिनिधि के अनुसार मधुबेनिया चौराहे पर जर्जर तारों के कारण बिजली सप्लाई अक्सर बाधित होती है। इससे व्यवसायिक कार्य प्रभावित होते हैं तथा लोगों को भी परेशानी हो रही है। यहां के जर्जर तारों को बदलवाने की मांग कई बार की गई, लेकिन अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सोहांस प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में लोटन फीडर से दी लाने वाली बिजली की सप्लाई महज सात घंटे ही मिलती है। लो बोल्टेज से लोगों को दिक्कत होती है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण घर में लगे पंखे तथा अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण शो पीस बने हुए हैं। लोटन फीडर से सोहांस खास, ऊंचहरिया, बंजरहा, सिसहनियां, भिटपरा, भेलौजी, खखरा सहित दर्जनों गांवों में बिजली दी जाती है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार यहां दिन में 10 बजे से शाम पांच बजे तक तथा रात में 10 बजे से सुबह पांच बजे तक बिजली सप्लाई का नियम है, लेकिन यहां शेड्यूल को ताक पर रख कर काम हो रहा है। यहां महज सात घंटे ही बिजली लोगों को मिल रही है। बोल्टेज भी पर्याप्त नहीं रहता। धान की रोपाई जोर पकड़ चुकी है। लो बोल्टेज के कारण ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। इसी प्रकार घर में लगे पंखे तथा अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण शो पीस बने हुए हैं, जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है।
पकड़ी प्रतिनिधि के अनुसार मदनपुर गांव के लोग बिजली कटौती से काफी परेशान हैं। यहां के लोगों को तीन से चार घंटे बिजली मिलती है। शेष समय लोकल फाल्ट सही करवाने में बीत जाता है। बिजली न मिलने के कारण छोटे-मोटे उद्योग धंधे बंद होने के कगार पर हैं। खेसरहा प्रतिनिधि के अनुसार बिजली विभाग की लापरवाही के कारण जर्जर तार और पोल दुर्घटना को दावत दे रहे हैं, लेकिन इसे सही करवाने की जहमत विभाग नहीं उठा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगे तार 80 वर्ष पुराने हैं, जो अक्सर टूटकर गिरते रहते हैं। इससे कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है। यहां लगे बिजली के खंभे ध्वस्त हो चुके हैं और बांस-बल्ली के सहारे किसी तरह बिजली आपूर्ति हो रही है। मूजडीह चौराहे से नासिरगंज के बीच मात्र 15 पोलों के सहारे सात गांवों को बिजली दी जा रही है। क्षेत्र के राजू, बलराम, बाबूराम, बहोरे, महेंदु, पंकज, गोपाल पाठक सहित दर्जनों लोगों ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियो से की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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